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मिथिलापञ्चाङ्गं मैथिलब्राह्मणानां विशालमैथिलीभाषिसमुदायानां च पारम्परिकं पञ्चाङ्गम् अस्ति। मिथिलापञ्चाङ्गं शास्त्रीयां चान्द्रसौरपद्धतिं (पूर्णिमान्तम्) रक्षति।
मिथिलापञ्चाङ्गं पूर्णिमान्तपद्धतिम् अनुसरति यत्र प्रत्येकं मासः पूर्णिमायां समाप्यते।
| # | मास | मैथिली | ग्रेगोरियन |
|---|---|---|---|
| 1 | चैत्र | चैत | Mar–Apr |
| 2 | वैशाख | बैसाख | Apr–May |
| 3 | ज्येष्ठ | जेठ | May–Jun |
| 4 | आषाढ़ | आषाढ़ | Jun–Jul |
| 5 | श्रावण | सावन | Jul–Aug |
| 6 | भाद्रपद | भादो | Aug–Sep |
| 7 | आश्विन | आश्विन | Sep–Oct |
| 8 | कार्तिक | कातिक | Oct–Nov |
| 9 | मार्गशीर्ष | अगहन | Nov–Dec |
| 10 | पौष | पूस | Dec–Jan |
| 11 | माघ | माघ | Jan–Feb |
| 12 | फाल्गुन | फागुन | Feb–Mar |
छठपूजा (कार्तिकशुक्लषष्ठी) मिथिलांचलस्य महत्तमं पर्व अस्ति। सूर्यदेवाय छठीमैयायै च समर्पितम्।
मिथिलापञ्चाङ्गं मधुबनीचित्रकलया अविभक्तम् अस्ति।
रामनवमी (मिथिला सीता की भूमि — विशेष महत्व), चैती छठ (वसन्त छठ पूजा)
अक्षय तृतीया (कृषि वर्ष आरम्भ), सीता नवमी (मिथिला में विशेष सीता पूजा)
बटसावित्री (ज्येष्ठ पूर्णिमा — सुहागिनें बरगद के नीचे पति की दीर्घायु के लिए व्रत)
रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा, चातुर्मास आरम्भ
मधुश्रावणी (नवविवाहिताओं का मास-भर अनुष्ठान), नाग पंचमी, रक्षा बंधन, कजरी तीज
जन्माष्टमी (दही हांडी), हरतालिका तीज (सुहागिनों का व्रत), गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा
जितिया/जीवित्पुत्रिका (माताओं का 3 दिन निर्जला व्रत — सबसे कठोर व्रत), नवरात्रि, दशहरा, कोजागरा पूर्णिमा
छठ पूजा (कार्तिक शुक्ल षष्ठी — मिथिला का परिभाषित पर्व), दीवाली, सामा-चकेवा (भाई-बहन का अनूठा मिट्टी पक्षी पर्व), भाई दूज
विवाह पंचमी (राम-सीता विवाह वर्षगांठ — जनकपुर में भव्य), मोक्षदा एकादशी
मकर संक्रान्ति / तुसू पूजा (तिलकुट और लाई-चूड़ा वितरण), पौष पूर्णिमा
सरस्वती पूजा / वसन्त पंचमी (विद्या की पूजा), माघी पूर्णिमा
महा शिवरात्रि, होली / फगुआ (मैथिली "फाग" गीतों से — अनूठी संगीत परम्परा), होलिका दहन