वाराणसी दैनिक पंचांग
रविवार पंचांग रविवार, 5 अप्रैल 2026 — वाराणसी — तृतीया, विशाखा
वाराणसी वैदिक पंचांग रविवार, 5 अप्रैल 2026: तृतीया तिथि, विशाखा नक्षत्र, वज्र योग। सूर्योदय 05:45, राहु काल 16:42–18:16।
रविवार, रविवार, 5 अप्रैल 2026 — वाराणसी
आज के पाँच अंग
आज का वाराणसी का पंचांग **तृतीया** तिथि, **विशाखा** नक्षत्र और **वज्र** योग से परिभाषित है। कृष्ण पक्ष की घटती ऊर्जा चिंतन और पूर्णता के लिए अनुकूल।
वाराणसी में सूर्योदय 05:45 और सूर्यास्त 18:16 पर है। नीचे दिए गए समय वाराणसी के निर्देशांकों के अनुसार हैं।
तिथि: तृतीया (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र: विशाखा — आज चन्द्रमा की स्थिति साझेदारी और संतुलन को प्रभावित करती है।
योग: वज्र
वार: रविवार
समय
शुभ और अशुभ काल
राहु काल 16:42 से 18:16 तक है — इस अवधि में महत्वपूर्ण नए कार्य न करें।
वर्ज्यम् काल 04:33 से 06:19 तक सक्रिय है। इस समय नए कार्य न करें।
अमृत काल 14:23 से 16:10 तक है — महत्वपूर्ण निर्णयों, अनुष्ठानों और नए कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय।
यमगण्ड: 12:01–13:34
मार्गदर्शन
तृतीया और विशाखा का संयोग आज चल रहे कार्यों को पूरा करने, ऋण चुकाने और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए उपयुक्त बनाता है।
अपने स्थान के अनुसार व्यक्तिगत पंचांग के लिए देखो पंचांग पर जाएं।
अद्य राशिफलम्
आज संतुलन आपकी महाशक्ति है। बदलती ऊर्जाओं के बीच केंद्र में रहें।
मिश्रित ग्रहीय संकेत कार्रवाई से पहले अवलोकन का सुझाव देते हैं।
विरोधाभासों का दिन — जागरूकता और अनुकूलनशीलता से नेविगेट करें।
आज साहस और स्पष्टता को पुरस्कृत करता है। अपने सत्य में साहसपूर्वक कदम रखें।
आज संतुलन आपकी महाशक्ति है। बदलती ऊर्जाओं के बीच केंद्र में रहें।
प्रचुरता आपको घेरे हुए है — प्राप्त करने के लिए अपना हृदय खोलें।
विरोधाभासों का दिन — जागरूकता और अनुकूलनशीलता से नेविगेट करें।
मिश्रित ग्रहीय संकेत कार्रवाई से पहले अवलोकन का सुझाव देते हैं।