जयपुर दैनिक पंचांग
बुधवार पंचांग बुधवार, 15 अप्रैल 2026 — जयपुर — त्रयोदशी, पूर्वभाद्रपद
जयपुर वैदिक पंचांग बुधवार, 15 अप्रैल 2026: त्रयोदशी तिथि, पूर्वभाद्रपद नक्षत्र, ब्रह्म योग। सूर्योदय 06:03, राहु काल 12:27–14:03।
बुधवार, बुधवार, 15 अप्रैल 2026 — जयपुर
आज के पाँच अंग
आज का जयपुर का पंचांग **त्रयोदशी** तिथि, **पूर्वभाद्रपद** नक्षत्र और **ब्रह्म** योग से परिभाषित है। कृष्ण पक्ष की घटती ऊर्जा चिंतन और पूर्णता के लिए अनुकूल।
जयपुर में सूर्योदय 06:03 और सूर्यास्त 18:51 पर है। नीचे दिए गए समय जयपुर के निर्देशांकों के अनुसार हैं।
तिथि: त्रयोदशी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र: पूर्वभाद्रपद — आज चन्द्रमा की स्थिति समुदाय और लाभ को प्रभावित करती है।
योग: ब्रह्म
वार: बुधवार
समय
शुभ और अशुभ काल
राहु काल 12:27 से 14:03 तक है — इस अवधि में महत्वपूर्ण नए कार्य न करें।
वर्ज्यम् काल 01:27 से 03:01 तक सक्रिय है। इस समय नए कार्य न करें।
अमृत काल 07:37 से 09:10 तक है — महत्वपूर्ण निर्णयों, अनुष्ठानों और नए कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय।
यमगण्ड: 07:39–09:15
मार्गदर्शन
त्रयोदशी और पूर्वभाद्रपद का संयोग आज चल रहे कार्यों को पूरा करने, ऋण चुकाने और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए उपयुक्त बनाता है।
अपने स्थान के अनुसार व्यक्तिगत पंचांग के लिए देखो पंचांग पर जाएं।
अद्य राशिफलम्
विरोधाभासों का दिन — जागरूकता और अनुकूलनशीलता से नेविगेट करें।
प्रचुरता आपको घेरे हुए है — प्राप्त करने के लिए अपना हृदय खोलें।
आज साहस और स्पष्टता को पुरस्कृत करता है। अपने सत्य में साहसपूर्वक कदम रखें।
ब्रह्माण्डीय धाराएँ आपको आगे ले जाती हैं। विश्वास करें और प्रवाह में रहें।
मिश्रित ग्रहीय संकेत कार्रवाई से पहले अवलोकन का सुझाव देते हैं।
आज संतुलन आपकी महाशक्ति है। बदलती ऊर्जाओं के बीच केंद्र में रहें।
प्रचुरता आपको घेरे हुए है — प्राप्त करने के लिए अपना हृदय खोलें।
विरोधाभासों का दिन — जागरूकता और अनुकूलनशीलता से नेविगेट करें।
आज साहस और स्पष्टता को पुरस्कृत करता है। अपने सत्य में साहसपूर्वक कदम रखें।