दैनिक पंचांग
गुरुवार पंचांग गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 — सप्तमी, पुनर्वसु
वैदिक पंचांग गुरुवार, 23 अप्रैल 2026: सप्तमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र, सुकर्मा योग। सूर्योदय 05:47, राहु काल 13:57–15:35।
गुरुवार, गुरुवार, 23 अप्रैल 2026
आज के पाँच अंग
आज का पंचांग **सप्तमी** तिथि, **पुनर्वसु** नक्षत्र और **सुकर्मा** योग से परिभाषित है। शुक्ल पक्ष की बढ़ती ऊर्जा नई शुरुआत के लिए अनुकूल।
तिथि: सप्तमी (शुक्ल पक्ष)
नक्षत्र: पुनर्वसु — आज चन्द्रमा की स्थिति संचार और शिक्षा को प्रभावित करती है।
योग: सुकर्मा
वार: गुरुवार
समय
शुभ और अशुभ काल
राहु काल 13:57 से 15:35 तक है — इस अवधि में महत्वपूर्ण नए कार्य न करें।
वर्ज्यम् काल 04:39 से 06:10 तक सक्रिय है। इस समय नए कार्य न करें।
अमृत काल 18:40 से 20:11 तक है — महत्वपूर्ण निर्णयों, अनुष्ठानों और नए कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय।
यमगण्ड: 05:47–07:25
मार्गदर्शन
सप्तमी और पुनर्वसु का संयोग आज नई परियोजनाओं, खरीदारी और उत्सवों के लिए अनुकूल बनाता है।
अपने स्थान के अनुसार व्यक्तिगत पंचांग के लिए देखो पंचांग पर जाएं।
अद्य राशिफलम्
ब्रह्माण्डीय धाराएँ आपको आगे ले जाती हैं। विश्वास करें और प्रवाह में रहें।
प्रचुरता आपको घेरे हुए है — प्राप्त करने के लिए अपना हृदय खोलें।
मिश्रित ग्रहीय संकेत कार्रवाई से पहले अवलोकन का सुझाव देते हैं।
ब्रह्माण्डीय धाराएँ आपको आगे ले जाती हैं। विश्वास करें और प्रवाह में रहें।
आज साहस और स्पष्टता को पुरस्कृत करता है। अपने सत्य में साहसपूर्वक कदम रखें।