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12 महिने आणि 6 ऋतू – चांद्र-सौर पंचांग
| # | मास | आरम्भ | समाप्ति | ऋतु | दिन |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | पौष | 21 दिस. | 19 जन. | हेमन्त | 29 |
| 2 | माघ | 19 जन. | 17 फर. | शिशिर | 29 |
| 3 | फाल्गुन | 18 फर. | 19 मार्च | शिशिर | 29 |
| 4 | चैत्र | 19 मार्च | 17 अप्रै. | वसन्त | 29 |
| 5 | वैशाख | 18 अप्रै. | 16 मई | वसन्त | 28 |
| 6 | अधिक ज्येष्ठअधिक | 17 मई | 14 जून | ग्रीष्म | 28 |
| 7 | ज्येष्ठअभी | 14 जून | 14 जुला. | ग्रीष्म | 30 |
| 8 | आषाढ़ | 15 जुला. | 12 अग. | ग्रीष्म | 28 |
| 9 | श्रावण | 13 अग. | 11 सित. | वर्षा | 29 |
| 10 | भाद्रपद | 12 सित. | 10 अक्टू. | वर्षा | 28 |
| 11 | आश्विन | 11 अक्टू. | 9 नव. | शरद् | 29 |
| 12 | कार्तिक | 10 नव. | 8 दिस. | शरद् | 28 |
| 13 | मार्गशीर्ष | 9 दिस. | 8 जन. | हेमन्त | 30 |
हिन्दू पञ्चाङ्ग चान्द्र-सौर है। मास मुख्यतः चान्द्र हैं – प्रत्येक मास एक अमावस्या से अगली तक (अमान्त) या एक पूर्णिमा से अगली तक (पूर्णिमान्त) होता है। मास का नाम उस नक्षत्र से आता है जिसमें पूर्णिमा पड़ती है। ऋतुएँ सौर चक्र का अनुसरण करती हैं: 2-2 मास की 6 ऋतुएँ। सौर वर्ष ~365.25 दिन और 12 चान्द्र मास ~354 दिन होते हैं। ~11 दिन का अन्तर अधिक मास (लौंद मास) से पूरा किया जाता है, जो लगभग हर 2.7 वर्ष में जुड़ता है।
चांद्र वर्ष: 12 x 29.53 = ~354.36 दिवस
सौर वर्ष: ~365.25 दिन | अन्तर: ~11 दिन (अधिक मास सुधार)