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छठ पूजा 2028लंदन में
लंदन के निर्देशांकों (51.51°N, -0.13°E) के लिए सटीक पूजा समय
प्रमुख समय
त्योहार की तिथि
सोमवार, 23 अक्टूबर 2028
सूर्योदय
07:39
सूर्यास्त
17:49
यह तिथि क्यों?
Chhath Puja उदय तिथि नियम का पालन करता है — जिस दिन आवश्यक तिथि सूर्योदय के समय व्याप्त हो, उस दिन त्योहार मनाया जाता है। यह धर्मसिन्धु का सामान्य नियम है।
गणना प्रमाण — पारदर्शी लेखा परीक्षा
देवता
सूर्य देव, छठी मैया (उषा)
पौराणिक कथा
छठ सूर्य देव और छठी मैया (उषा, प्रभात की देवी) को समर्पित है। महाभारत में द्रौपदी और पाण्डवों ने अपना खोया राज्य पुनः प्राप्त करने के लिए यह व्रत रखा। सूर्यपुत्र कर्ण भी जल में खड़े होकर सूर्य की उपासना करते थे, जो छठ परम्परा का प्रतिबिम्ब है।
कैसे मनाएँ
चार दिवसीय कठोर उत्सव: पहला दिन (नहाय खाय) — पवित्र स्नान और एक भोजन; दूसरा दिन (खरना) — दिनभर उपवास, सूर्यास्त बाद खीर-रोटी; तीसरा दिन (सन्ध्या अर्घ्य) — नदी या तालाब में खड़े होकर डूबते सूर्य को ठेकुआ, फल और गन्ने से अर्घ्य; चौथा दिन (उषा अर्घ्य) — उगते सूर्य को अर्घ्य। भक्त लम्बे समय तक कमर तक जल में खड़े रहते हैं।
महत्व
छठ एकमात्र वैदिक उत्सव है जो सूर्य की जीवनदायी शक्ति की उपासना को समर्पित है। यह बिहार, झारखण्ड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। 36 घण्टे बिना भोजन-जल के कठोर व्रत के लिए प्रसिद्ध है।
व्रत
अत्यन्त कठोर — 36 घण्टे बिना भोजन-जल (खरना सन्ध्या से उषा अर्घ्य प्रभात तक)। भक्त सूर्यास्त और सूर्योदय दोनों समय ठण्डे नदी-जल में खड़े रहते हैं।