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जन्म कुण्डली से प्रकृति निर्धारण, ग्रहीय लय के अनुरूप होरा-आधारित दैनिक दिनचर्या, और तिथि-अनुरूप पोषण और उपवास
आयुर्वेद में प्रकृति (शारीरिक-मानसिक संरचना) व्यक्ति के स्वास्थ्य का मूल आधार है। ज्योतिष से प्रकृति निर्धारण सम्भव है क्योंकि प्रत्येक ग्रह एक विशिष्ट दोष (वात, पित्त, कफ) से सम्बन्धित है। लग्न राशि, लग्नेश, चन्द्र राशि और सबसे प्रबल ग्रहों के आधार पर व्यक्ति की प्राथमिक प्रकृति निर्धारित की जाती है।