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उन्नत मुहूर्त चयन: सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, सिद्ध योग, और सभी शास्त्रीय शर्तों के साथ विवाह मुहूर्त में गहरी अवगाहन
सर्वार्थ सिद्धि योग मुहूर्त शास्त्र के सबसे शक्तिशाली और व्यावहारिक योगों में से एक है। "सर्वार्थ" = सभी उद्देश्य, "सिद्धि" = सफलता – जब विशिष्ट वार (सप्ताह का दिन) विशिष्ट नक्षत्रों के साथ संयोग करते हैं, तो यह योग बनता है। इस योग में प्रारम्भ किए गए कार्य सफल होने की अधिक सम्भावना रखते हैं। यह अन्य अशुभ कारकों (विष्टि करण, कुछ अशुभ योगों) को भी कम कर सकता है।
रविवार: पुष्य, हस्त, अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, श्रवण
सोमवार: रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, अनुराधा, हस्त, श्रवण
मंगलवार: अश्विनी, उत्तर फाल्गुनी, कृत्तिका, चित्रा
बुधवार: रोहिणी, अनुराधा, हस्त, ज्येष्ठा, श्रवण
गुरुवार: अश्विनी, पुष्य, पुनर्वसु, रेवती, अनुराधा, श्रवण