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अधियोगः
निर्माण नियम
शुभ ग्रह चन्द्र से 6, 7, 8वें भाव में
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
अधि योग तब बनता है जब शुभ ग्रह चन्द्र से 6, 7, 8वें भावों में हों। यह मंत्री पद, विनम्र चरित्र, शत्रुओं पर विजय और दीर्घायु प्रदान करता है।
नेतृत्व और शक्ति
मंत्री या नेतृत्व पद, शासकों का विश्वास, समृद्धि।
अधि योग वाले व्यक्ति प्रायः शांत और विश्वसनीय आचरण प्रदर्शित करते हैं, जिससे वे अपने पेशेवर क्षेत्रों में सम्मान और प्रभाव अर्जित करते हैं। वे नेतृत्व या मंत्री पदों तक पहुँचने की प्रवृत्ति रखते हैं, चुनौतियों का सहजता से सामना करते हुए और विरोधियों पर विजय प्राप्त करते हैं। उनके संबंध सामान्यतः आपसी विश्वास पर आधारित होते हैं, और वे प्रायः एक लंबा और समृद्ध जीवन जीते हैं, जो एक सुदृढ़ भावनात्मक आधार को दर्शाता है।
अधि योग के सकारात्मक प्रभाव सामान्यतः चन्द्र, गुरु, शुक्र, अथवा बुध की दशा अथवा अन्तर्दशा काल में प्रकट होते हैं, विशेषतः जब ये ग्रह सुस्थित और बलवान हों।