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गौरीयोगः
निर्माण नियम
चन्द्र स्वराशि/उच्च में, लग्न से केन्द्र में बृहस्पति की दृष्टि
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
गौरी योग, देवी पार्वती के नाम पर, स्त्रियों को सौन्दर्य, सद्गुण और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देता है।
सौन्दर्य और सद्गुण
सुन्दर रूप, सद्गुणी चरित्र, सुखी विवाह।