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निपुणयोगः
निर्माण नियम
सूर्य + चन्द्र + बुध एक भाव में
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
निपुण योग सूर्य के अधिकार, चन्द्र के अंतर्ज्ञान और बुध की बुद्धि को एक भाव में जोड़ता है।
बहु-कौशल
असाधारण शिल्पकारिता, अनेक कौशल, तेज शिक्षार्थी।
यह योग सामान्यतः ऐसे व्यक्ति के रूप में प्रकट होता है जिसमें विविध कौशल में महारत हासिल करने की उल्लेखनीय क्षमता होती है, प्रायः ऐसे व्यवसायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं जिनमें बौद्धिक तीक्ष्णता और व्यावहारिक निपुणता दोनों की आवश्यकता होती है। वे तीव्र सीखने वाले होते हैं, नई चुनौतियों के प्रति शीघ्रता से अनुकूलन करते हैं और शिल्प कौशल अथवा कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए स्वाभाविक प्रतिभा प्रदर्शित करते हैं। उनका स्वभाव प्रायः एक सूक्ष्म अंतर्ज्ञान को एक स्पष्ट, आधिकारिक बुद्धि के साथ संयोजित करता है, जिससे उनके चुने हुए क्षेत्रों में मान्यता प्राप्त विशेषज्ञता प्राप्त होती है।
निपुण योग के फल प्रायः सूर्य, चन्द्र अथवा बुध की दशा अथवा अन्तर्दशा काल में अनुभव होते हैं, विशेषकर जब ये काल अनुकूल गोचर से संरेखित हों। यह वह समय होता है जब जातक की बहुमुखी प्रतिभा सामने आती है।