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पुष्कलयोगः
निर्माण नियम
लग्नेश मित्र राशि में, चन्द्र लग्न में, लग्नेश मित्र ग्रह से दृष्ट
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
पुष्कल (प्रचुरता) योग जीवन के सभी पहलुओं — धन, परिवार, स्वास्थ्य, सामाजिक स्थिति — में पोषण प्रदान करता है।
समग्र प्रचुरता
धन, परिवार, स्वास्थ्य और सामाजिक स्थिति में प्रचुरता।
जातक का जीवन अक्सर सामान्य समृद्धि और संतुष्टि से चिह्नित होता है। वे सहायक संबंधों को आकर्षित करते हैं और अपने घर व परिवार के माध्यम से भावनात्मक स्थिरता प्राप्त करते हैं। सार्वजनिक पहचान और एक आरामदायक सामाजिक स्थिति सामान्य है, क्योंकि उनके कार्य अक्सर सराहे जाते हैं, जिससे समग्र पोषण और कल्याण की भावना आती है।
पुष्कल योग के परिणाम आमतौर पर लग्न (Lagna) स्वामी, चंद्र (Chandra), या लग्न स्वामी को दृष्टि देने वाले मित्र ग्रह की दशा (Dasha) या अन्तर्दशा (Antardasha) काल में प्रकट होते हैं। ये अवधियाँ वृद्धि और प्रचुरता के अवसर लाती हैं।