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रुचकयोगः
निर्माण नियम
मंगल स्वराशि (मेष/वृश्चिक) या उच्च (मकर) में केन्द्र में
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
रुचक योग तब बनता है जब मंगल स्वराशि या उच्च में केन्द्र में हो। मंगल साहस, ऊर्जा और कर्म का शासक है। शक्तिशाली होने पर यह योद्धा, नेता और सेनानायक बनाता है।
शास्त्रीय ग्रन्थ रुचक जातकों को लालिमा युक्त वर्ण, मजबूत शरीर, प्रभावशाली वाणी और युद्ध में वीरता वाला बताते हैं।
साहस और वीरता
निडर स्वभाव, शारीरिक शक्ति, निर्णायक कार्य। संकट में स्वाभाविक नेता।
करियर
सेना, पुलिस, शल्यक्रिया, खेल, इंजीनियरिंग। प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में सफलता।
रत्न
मूँगा (मंगल के लिए)
मन्त्र
ॐ अं अंगारकाय नमः
दान
मंगलवार को लाल मसूर दान
शास्त्रीय सन्दर्भ
केन्द्रे स्वोच्चे कुजो यत्र रुचकाख्ययोगकृत्। शूरो रणजयी नित्यं भूस्वामी बलवान् भवेत्॥
– BPHS, Chapter 75