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शकटयोगः
निर्माण नियम
बृहस्पति चन्द्र से 6, 8 या 12वें भाव में
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
शकट योग गजकेसरी का विपरीत है — बृहस्पति चन्द्र से 6, 8 या 12वें भाव में है। नाम का अर्थ "गाड़ी" है — जातक का भाग्य गाड़ी के पहिये की तरह उतार-चढ़ाव करता है।
यह योग सामान्य है (~25% कुण्डलियाँ) और इसके प्रभाव भिन्न हैं। चन्द्र से 8वें में बृहस्पति सबसे चुनौतीपूर्ण है।
उतार-चढ़ाव भाग्य
समृद्धि और विपत्ति के चक्र। भाग्य स्थिर नहीं — लाभ के बाद हानि।