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वसुमतीयोगः
निर्माण नियम
सभी शुभ ग्रह चन्द्र से उपचय (3, 6, 10, 11) में
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
वसुमती योग के लिए सभी शुभ ग्रहों का चन्द्र से उपचय भावों में होना आवश्यक है। यह सतत बढ़ता धन प्रदान करता है।
सतत बढ़ता धन
उम्र के साथ धन बढ़ता है। जीवन भर वित्तीय स्थिति लगातार सुधरती है।
वसुमति योग वाले व्यक्ति आमतौर पर जीवन भर अपनी वित्तीय स्थिति में निरंतर वृद्धि का अनुभव करते हैं। उनकी करियर यात्रा में अक्सर निरंतर प्रयास और क्रमिक पदोन्नति शामिल होती है, जिससे बाद के वर्षों में महत्वपूर्ण धन संचय होता है। उनमें एक मेहनती और साधन संपन्न स्वभाव होता है, जो अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए चुनौतियों का सामना करने में माहिर होते हैं। यह निरंतर वृद्धि अक्सर समग्र कल्याण और स्थिरता में योगदान करती है।
वसुमति योग के परिणाम सामान्यतः गुरु, शुक्र, बुध अथवा चन्द्र की दशा अथवा अन्तर्दशा काल में प्रकट होते हैं। ये काल प्रायः महत्वपूर्ण वित्तीय वृद्धि के सूचक होते हैं।