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चन्द्र शान्ति पूजा सोमदिन साँझमे प्रदोष काल (सन्ध्याकाल) मे कयल जाइत अछि। पूर्णिमा (पूरा चाँद) सोमदिनक दिन करब सबसँ अधिक शक्तिशाली होइत अछि।
अहाँक स्थान खोजि रहल अछि...
पूजा सँ पहिने साँझमे स्नान करू। स्वच्छ उज्जर वस्त्र धारण करू। शुद्धिकरणक लेल स्नानक पानमे दूधक किछु बूँद मिलाउ।
उत्तर-पूर्व दिस मुँह क' बैसू। दाहिना हाथक हथेलीमे दूध मिलाओल जल आ उज्जर फूल लिय। अपन नाम, गोत्र आ चन्द्र ग्रहक शान्ति लेल संकल्प करू।
एकटा चाँदी वा स्टीलक पात्रकेँ दूध आ जलसँ भरू। ओहिमे उज्जर फूल आ एकटा चाँदीक सिक्का राखू। एकटा उज्जर कपड़ासँ झाँपल चाउरक ढेर पर स्थापित करू।
घीयक दीप आ कपूर जड़ाकय चन्द्र देवक आवाहन करू। उज्जर फूल चढ़ाउ आ "Om Chandraya Namah" तीन बेर जप करू।
चन्द्र बीज मन्त्रक ११,००० बेर (वा कम सँ कम १०८ बेर) जप करू। स्फटिक (क्रिस्टल) वा मोतीक मालाक प्रयोग करू। एकटा शीतल, चाँदी-उज्जर चन्द्रमाक गोला पर ध्यान करू।
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
oṃ śrāṃ śrīṃ śrauṃ saḥ candrāya namaḥ
चन्द्रदेव केँ प्रणाम। ई बीज अक्षर चन्द्रमा केर शीतल, पोषण करय वला ऊर्जा केँ मानसिक शान्ति, भावनात्मक सन्तुलन आ मातृ आशीर्वाद लेल आह्वान करैत अछि।
चन्द्र गायत्रीक जप करैत शिव लिङ्ग वा चन्द्रमाक प्रतिमा पर दूध चढ़ाउ। चन्द्रमा शिवक मस्तकक आभूषण अछि, तेँ शिव पूजासँ चन्द्र शान्ति बढ़ैत अछि।
ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृततत्त्वाय धीमहि । तन्नो चन्द्रः प्रचोदयात् ॥
oṃ kṣīraputrāya vidmahe amṛtattattvāya dhīmahi | tanno candraḥ pracodayāt ||
हम दूधक सागरक पुत्र (चन्द्रमा), अमृतक सार पर ध्यान करैत छी। चन्द्रदेव हमर मन केँ प्रकाशित करथि आ शान्ति प्रदान करथि।
दरिद्र लोकनि केँ चाउर आ उज्जर वस्त्र दान करू। बच्चा सभ केँ दूध वा उज्जर मिठाई देब सेहो चन्द्र शान्ति लेल शुभ अछि।
मानसिक शान्ति आ भावनात्मक सन्तुलन लेल चन्द्रमा केँ अन्तिम प्रार्थना करू। नमस्कार करू। यदि चन्द्रमा देखाइ पड़य तँ ओकरा देखू आ मानसिक रूप सँ प्रणाम करू।