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27 चन्द्र गृह – क्रान्तिवृत्त मापनेवाला तारागण
"नक्षत्र" शब्द संस्कृत से आता है – "नक्ष" (मानचित्र) + "त्र" (रक्षक), अर्थात् "आकाश मानचित्र के संरक्षक।" ये क्रान्तिवृत्त के 27 विभाग हैं, प्रत्येक 13°20' खगोलीय देशांतर का, जो चन्द्र पथ के निकट प्रमुख तारों या तारासमूहों द्वारा पहचाने जाते हैं।
ई प्रणाली बारह राशि चक्रसँ पुरान अछि आ मानवताक प्राचीनतम तारा-सूचीमेसँ एक अछि। ऋग्वेद (लगभग 1500 ई.पू.) मे बहुत नक्षत्रक उल्लेख अछि।
नक्षत्रक नाम विभिन्न स्रोतसँ आबैत अछि – तारासमूहक आकारसँ (मृगशिरा – "हिरणक सिर"), अधिष्ठाता देवतासँ (रोहिणीक ब्रह्मा), गुणसँ (पुष्य – "पोषक")।
27 नक्षत्र 360° क्रान्तिवृत्त को 13°20' (13.333°) के बराबर खण्डों में विभाजित करते हैं। ये क्रान्तिवृत्त के निकट प्रमुख तारों (योगतारा) द्वारा परिभाषित हैं। चन्द्रमा लगभग 27.3 दिनों में एक नाक्षत्रिक परिक्रमा पूर्ण करता है, अतः प्रत्येक नक्षत्र में लगभग एक दिन व्यतीत करता है।
सूत्र: Nakshatra = floor(Moon_sidereal_longitude / 13.333) + 1
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