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आज रविवार को दरभंगा के लिए दिन और रात के गौरी पंचांग समय। अमृत, सिद्ध, लाभ, धन, सुगम (शुभ) में नए कार्य करें; मरण, रोग, शोक (अशुभ) से बचें।
गौरी पञ्चाङ्गक स्लॉट सभक गणना सूर्योदय आ सूर्यास्त सँ कयल जाइत अछि, तेँ समय शहरक अनुसार भिन्न होइत अछि। सटीक गौरी नल्ला नेरम समयक लेल अपन स्थानक चयन करबाक लेल नीचा देल गेल इन्टरैक्टिव उपकरणक उपयोग करू।
| गौरी काल | समय | स्वभाव |
|---|---|---|
| शोक | 5:34 AM – 7:05 AM | अशुभ |
| अमृत | 7:05 AM – 8:36 AM | शुभ |
| सिद्ध | 8:36 AM – 10:08 AM | शुभ |
| मरण | 10:08 AM – 11:39 AM | अशुभ |
| रोग | 11:39 AM – 1:11 PM | अशुभ |
| लाभ | 1:11 PM – 2:42 PM | शुभ |
| धन | 2:42 PM – 4:14 PM | शुभ |
| सुगम | 4:14 PM – 5:45 PM | शुभ |
| गौरी काल | समय | स्वभाव |
|---|---|---|
| रोग | 5:45 PM – 7:14 PM | अशुभ |
| लाभ | 7:14 PM – 8:42 PM | शुभ |
| धन | 8:42 PM – 10:11 PM | शुभ |
| सुगम | 10:11 PM – 11:39 PM | शुभ |
| शोक | 11:39 PM – 1:08 AM | अशुभ |
| अमृत | 1:08 AM – 2:36 AM | शुभ |
| सिद्ध | 2:36 AM – 4:05 AM | शुभ |
| मरण | 4:05 AM – 5:34 AM | अशुभ |
गौरी पञ्चाङ्ग (गौरी नल्ला नेरम) दक्षिण भारत — तमिलनाडु, कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश, तेलंगाना आ केरल मे व्यापक रूप सँ उपयोग कयल जायवला एकटा वैदिक समय-विभाजन प्रणाली अछि। ई चोघड़ियाक दक्षिण-भारतीय समकक्ष अछि, जे उत्तर भारत मे बेसी प्रचलित अछि। प्रत्येक दिन आ राति के ८ बराबर भाग मे विभाजित कयल जाइत अछि, जाहि सँ कुल १६ नामित कालखण्ड प्राप्त होइत अछि।
आठ कालखण्ड अछि: अमृत (अमृत, सर्वाधिक शुभ), सिद्ध (उपलब्धि), लाभ (लाभ), धनम (धन), सुगम (आराम) — पाँच शुभ; आ मरण (मृत्यु), रोगम (रोग), सोकम (शोक) — तीन अशुभ। चोघड़ियाक विपरीत, गौरी मे कोनो "तटस्थ" स्तर नहि होइत अछि — प्रत्येक कालखण्ड या त स्पष्ट रूप सँ शुभ होइत अछि या अशुभ।
दिन गौरी: सूर्योदय आ सूर्यास्तक बीचक समय के ८ बराबर भाग मे (प्रत्येक लगभग ९० मिनट) विभाजित कयल जाइत अछि। राति गौरी: सूर्यास्त सँ अगला सूर्योदय धरि, सेहो ८ भाग मे। आरम्भिक कालखण्ड सप्ताहक दिनक अनुसार घुमैत अछि — रवि दिन शोक सँ शुरू होइत अछि, सोम दिन अमृत सँ (चन्द्रमा\
दुनू वैदिक समय-विभाजन प्रणाली अछि, मुदा ओ सभ भिन्न अछि: (१) गौरी मे ८टा विशिष्ट कालखण्डक नाम अछि; चोघड़िया मे ७टा अछि (चर दोहरायल जाइत अछि)। (२) गौरी मे कोनो "तटस्थ" श्रेणी नहि अछि — प्रत्येक कालखण्ड शुभ वा अशुभ होइत अछि। (३) सप्ताहक दिनक घुमाव भिन्न अछि — सप्ताहक दिन भिन्न कालखण्ड सँ शुरू होइत अछि। (४) गौरी परम्परागत दक्षिण-भारतीय प्रणाली अछि; चोघड़िया गुजरात, राजस्थान आ मध्य प्रदेश मे बेसी प्रचलित अछि।
रविवार, 20 सितंबर 2026
चेन्नई
05:58 – 07:29
07:29 – 09:00
09:00 – 10:31
10:31 – 12:02
12:02 – 13:33
13:33 – 15:04
15:04 – 16:35
16:35 – 18:06
18:06 – 19:35
19:35 – 21:04
21:04 – 22:33
22:33 – 00:02
00:02 – 01:31
01:31 – 03:00
03:00 – 04:29
04:29 – 05:58
गौरी पंचांग (जेकरा गौरी पंचांगम् वा गौरी नल्ला नेरम् सेहो कहल जाइत अछि) चोघड़ियाक दक्षिण-भारतीय प्रतिरूप अछि — एकटा वैदिक समय-विभाजन प्रणाली जे प्रत्येक दिन आ राति केँ ८ समान कालखंड मे बाँटैत अछि। पाँच कालखंड शुभ होइत अछि (अमृत, सिद्ध, लाभ, धन, सुगम) आ तीनटा अशुभ होइत अछि (मरण, रोग, शोक)। एकर व्यापक उपयोग तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना आ केरल मे नव कार्य, यात्रा, व्यवसाय आ समारोहक लेल शुभ समय चुनबाक लेल कयल जाइत अछि।
अमृत — सबसँ शुभ कालखंड, सबटा नव कार्य आ महत्वपूर्ण शुरुआतक लेल आदर्श
सिद्धि — महत्वपूर्ण काज समाप्त करबाक, समझौता पर हस्ताक्षर करबाक, परीक्षाक लेल उत्कृष्ट
लाभ — व्यावसायिक लेनदेन, व्यापार, वित्तीय निर्णयक लेल सर्वोत्तम
धन — निवेश, खरीद, बैंकिंग गतिविधियक लेल शुभ
सुख — कोमल आ सहायक कालखंड, यात्रा आ सामाजिक कार्यक्रमक लेल नीक
मृत्यु — प्रबल रूप सँ अशुभ; चिकित्सा प्रक्रिया, शल्य चिकित्सा, यात्रा सँ बचू
रोग — स्वास्थ्य सँ संबंधित निर्णय, नव आहार, वा तनावपूर्ण गतिविधि सँ बचू
शोक — झगड़ा, अनुबंध पर हस्ताक्षर, भावनात्मक प्रतिबद्धता सँ बचू
नव कार्य शुरू करबाक वा नव घर मे प्रवेश करबाक लेल, अमृत केँ सार्वभौमिक रूप सँ सबसँ शक्तिशाली मानल जाइत अछि। व्यावसायिक आ वित्तीय गतिविधियक लेल लाभ (लाभ) वा धन (धन) कालखंड सर्वोत्तम मानल जाइत अछि। यात्रा आ पारिवारिक समागमक लेल सुगम (सुख) केँ प्राथमिकता देल जाइत अछि। परीक्षा, प्रमाणीकरण वा महत्वपूर्ण समझौता पर हस्ताक्षर करबाक लेल, सिद्ध (सिद्धि) सबसँ प्रबल समर्थन दैत अछि। कोनो शुभ कार्यक लेल मरण, रोग आ शोक सँ बचू — ई कालखंड आराम, नियमित रखरखाव वा ओहि गतिविधियक लेल सर्वोत्तम अछि जेकरा अहाँ शुरू करबाक बदला मे समाप्त करय चाहैत छी।