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नाग पञ्चमी श्रावण मासक शुक्ल पक्षक पञ्चमी (चन्द्रमाक पाँचम दिन) केँ पड़ैत अछि। पूजा भोरक समयमे, आदर्श रूपसँ दुपहरसँ पहिने करबाक चाही। भोरक समय (सूर्य उदयक बाद) सबसँ शुभ मानल जाइत अछि।
अहाँक स्थान खोजि रहल अछि...
सूर्य उदयक बाद भोरक स्नान करू। स्वच्छ वस्त्र धारण करू। मुख्य द्वार लग वा पूजा कक्षमे पूजा क्षेत्रकेँ साफ करू। जँ सर्पक बिल (दीमकक ढेरी) पर पूजा क' रहल छी, तँ स्नानक बाद ओतय जाऊ।
भीत पर वा काठक पाटी पर हरदीक लेप वा चन्दनक लेपसँ नागक प्रतिमा बनाउ। परम्परानुसार, पाँच-फन (पञ्च-फणी) वा सात-फन (सप्त-फणी) नाग बनाओल जाइत अछि। वैकल्पिक रूपसँ, माटिक नागक मूर्ति उपयोग करू। एकरा उज्जर वा पीयर वस्त्रक संग स्वच्छ आसन पर राखू।
नागक प्रतिमाक सोझाँ बैसू। आचमन करू (तीन बेर जल ग्रहण करू)। सङ्कल्प करू। आठ महान नागसभक नाम लऽ कऽ आह्वान करू: अनन्त (शेष), वासुकि, तक्षक, कर्कोटक, पद्म, महापद्म, शङ्खपाल, आ कुलिका। ई पुराणसभमे वर्णित अष्ट नाग छथि।
ॐ नागराजाय नमः
oṃ nāgarājāya namaḥ
ॐ, सर्पसभक राजाकेँ नमस्कार।
नागक प्रतिमा पर वा ओकर आधार पर काँच दूध धीरे-धीरे ढारू। ई नाग पञ्चमीक मुख्य अर्पण अछि। महत्त्वपूर्ण: दूध मात्र प्रतिमा/मूर्ति केँ अर्पित करू – जीवित साँपकेँ दूध नहि पियाउ कारण ई ओकरा सभकेँ हानि पहुँचाबैत अछि (साँप लैक्टोज असहिष्णु होइत छथि)। यदि साँपकेँ बिल पर पूजा कऽ रहल छी, प्रवेश द्वार पर दूध ढारू।
नागक प्रतिमाकेँ ताजा फूल (उज्जर आ पीयर), दूर्वा घास (दूबी), आ चन्दनक लेप अर्पित करू। नागक प्रतिमा पर हरदी आ कुमकुम तिलक लगाउ। आधार पर अक्षत (अखण्डित चावल) राखू। अगरबत्ती आ घृतक दीप प्रज्वलित करू।
नाग मन्त्र "ॐ नागराजाय नमः" कऽ १०८ बेर जप करू। तखन नाग गायत्रीक पाठ करू। आठ नाग राजासभक नामक पाठ करू। यदि अहाँ अथर्व वेदसँ सर्प सूक्त जनैत छी, तँ ओकर पाठ करू। सर्प-सम्बन्धित भयसँ रक्षा लेल आ यदि लागू होय, तँ काल सर्प दोषक निवारण लेल प्रार्थना करू।
ॐ नागराजाय नमः
oṃ nāgarājāya namaḥ
ॐ, सर्पसभक राजाकेँ नमस्कार।
नाग देवताकेँ लड्डू (विशेषकऽ बेसनक लड्डू), खीर आ पुआ अर्पित करू। ई नाग पञ्चमीक लेल पारम्परिक नैवेद्य सामग्री अछि। एकरा सभकेँ नागक प्रतिमाक सोझाँ केराक पात पर वा कोनो स्वच्छ थालीमे राखू।
नागक प्रतिमाक तीन बेर प्रदक्षिणा करू। पूर्ण नमस्कार करू। प्रार्थना करू जे नाग देवता अहाँक घरकेँ साँप आ विषैला जीवसभसँ रक्षा करथि। प्रसाद (लड्डू, खीर) परिवारक सदस्यसभ आ पड़ोसीसभकेँ बाँटू। परिवारक सभ सदस्यक कपार पर हल्दीक टीका लगाऊ।