धर्मस्थल · Karnataka
कार्तिक पूर्णिमा 2027धर्मस्थल मध्ये
Exact puja times & muhurta computed for Dharmasthala coordinates (12.96°N, 75.38°E)
महत्त्वाच्या वेळा
उत्सवाची तारीख
Sunday, November 14, 2027
सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
17:59
ही तारीख का?
Kartik Purnima follows the Udaya Tithi rule – the festival is observed on the day when the required tithi prevails at sunrise. This is the default Dharmasindhu convention for festivals without a special time-window requirement.
गणनेचा पुरावा – पारदर्शक लेखापरीक्षण
देवता
भगवान शिव (त्रिपुरारि), भगवान विष्णु, कार्तिकेय
आख्यायिका आणि इतिहास
कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली मनायी जाती है – देवताओं का दीपोत्सव। स्कन्द पुराण के अनुसार शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया और देवता वाराणसी में गंगा स्नान करने आये। यह कार्तिकेय का जन्मदिन भी है। तुल… पूर्ण आख्यायिका वाचा →कमी दाखवा ↑
कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली मनायी जाती है – देवताओं का दीपोत्सव। स्कन्द पुराण के अनुसार शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया और देवता वाराणसी में गंगा स्नान करने आये। यह कार्तिकेय का जन्मदिन भी है। तुलसी विवाह काल भी इसी समय आता है।
कसे पाळावे
सूर्योदय से पहले गंगा या नदी में कार्तिक स्नान करें। घाटों पर दीपों की पंक्तियाँ जलाएँ – वाराणसी के घाट इस रात अलौकिक दिखते हैं। शिव की त्रिपुरारि रूप में पूजा करें। तुलसी विवाह कराएँ। सत्यनारायण पूजा करें।
महत्त्व
कार्तिक पूर्णिमा वर्ष की सबसे पवित्र पूर्णिमा मानी जाती है। इस दिन गंगा स्नान सौ अश्वमेध यज्ञों का पुण्य देता है। पवित्र कार्तिक मास की पूर्णाहुति और देवताओं का दीपोत्सव।