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नवकार्य-प्रवेशः · Navakārya-praveśa
नई नौकरी का पहला दिन एक प्रतीकात्मक गृह-प्रवेश — एक नए "घर" में प्रवेश जिसमें आप कई जागृत घंटे बिताएंगे।
गृह-प्रवेश के नियम सीधे लागू — स्थिर नक्षत्र प्रधान, क्योंकि यह कार्य ऐसे स्थान में निवास लेने का है जो आपको स्थिरता से धारण करे। रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तरा आषाढ़, उत्तरा भाद्रपद आधार। पुष्य, हस्त, अनुराधा, श्रवण, रेवती शुभ आगमन जोड़ते हैं। बृहस्पति होरा सर्वोत्तम; सूर्य होरा दृश्यता; बुध होरा परिचय। भरणी और मूल निरपेक्ष निषेध।
अनुबंध हस्ताक्षर से निकट सम्बन्ध — दोनों स्थिर नक्षत्र मांगते हैं और भरणी/मूल निषिद्ध। अंतर ग्रहीय स्वर में: अनुबंध बुध (दस्तावेज) पर झुकता है, पहला दिन सूर्य (आपका प्रकट आगमन) पर।
भरणी (2) और मूल (19) निरपेक्ष — किसी में आरम्भ नहीं। आर्द्रा, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, ज्येष्ठा, पूर्व आषाढ़, पूर्व भाद्रपद त्यागें। मंगलवार (मंगल — नए अधिकार से संघर्ष) और शनिवार (शनि — स्थापन में विलंब)। रिक्ता तिथियाँ और अमावस्या। विष्टि करण अवरोधक।
टिप्पणी: मुहूर्त सफलता की संभावना बढ़ाता है; तैयारी का स्थान नहीं लेता। राहु काल, यमगण्ड, और विष्टि करण सभी सकारात्मक कारकों को रद्द करते हुए अवधि को "टालें" चिह्नित करते हैं।
दोनों, परन्तु जब आप शारीरिक रूप से कार्यस्थल में प्रवेश करते हैं (या दूरस्थ रूप से लॉग इन करते हैं) वह क्रियाशील मुहूर्त क्षण। शास्त्र प्रवेश के कार्य को चिह्न मानते हैं।
हाँ। प्रवेश चेतना का संक्रमण है, केवल शारीरिक कदम नहीं। पहली बार लॉग इन करना, पहली कॉल में शामिल होना, पहला कार्य सन्देश भेजना — जो भी सबसे औपचारिक लगे।
कुछ परम्पराएँ पहले दिन पर्स या जेब में एक छोटी पवित्र वस्तु (सिक्का, तुलसी पत्र, सूखी हल्दी) रखने की संस्तुति करती हैं। यह वैकल्पिक। शास्त्रीय प्राथमिकता समय है।
ऋषि से पूछें
बृहस्पति आपकी जन्म कुण्डली का उपयोग आपके विशिष्ट प्रश्न का उत्तर देने के लिए करते हैं — केवल सामान्य मुहूर्त नहीं। (नई नौकरी का पहला दिन.)