गणेश चतुर्थी 2025
गणेश चतुर्थी 2025 की सटीक तिथि, पूजा मुहूर्त व शहर-वार समय
प्रमुख जानकारी
त्योहार की तिथि
बुधवार, 27 अगस्त 2025
Ganesh Puja (Madhyahna) (दिल्ली)
11:05 AM – 1:39 PM
गणेश चतुर्थी 2025 — शहर-वार समय
| शहर | सूर्योदय | सूर्यास्त | पूजा मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 5:56 AM | 6:48 PM | 11:05 AM – 1:39 PM |
| मुंबई | 6:22 AM | 6:57 PM | 11:24 AM – 1:55 PM |
| बेंगलुरु | 6:08 AM | 6:33 PM | 11:06 AM – 1:35 PM |
| चेन्नई | 5:57 AM | 6:23 PM | 10:55 AM – 1:24 PM |
| कोलकाता | 5:17 AM | 5:59 PM | 12:46 AM – 10:30 PM |
| पुणे | 6:19 AM | 6:52 PM | 11:20 AM – 1:51 PM |
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यह तिथि क्यों?
मध्याह्न नियम: जिस दिन चतुर्थी तिथि मध्याह्न में व्याप्त हो, उस दिन मनाया जाता है। भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न में हुआ।
तिथि निर्धारण नियम
मध्याह्न (दोपहर) में तिथि व्याप्त होनी चाहिए। राम नवमी और गणेश चतुर्थी जैसे त्योहारों के लिए प्रयुक्त।
स्रोत: धर्मसिन्धु एवं निर्णयसिन्धु – शास्त्रीय काल-व्याप्ति पद्धति
पूजा विधि
पूजा के चरण
- 1
आचमन
दाहिने हाथ में तीन बार जल लेकर, केशव, नारायण, माधव नाम लेते हुए आचमन करें।
- 2
संकल्प
दाहिने हाथ में जल और अक्षत लेकर, तिथि, स्थान और पूजा का उद्देश्य बोलकर जल छोड़ें।
- 3
ध्यान
भगवान गणेश का ध्यान करें – गजानन, चतुर्भुज, पाश, अंकुश, मोदक और वरदमुद्रा धारी, कमल पर विराजमान, मूषक वाहन।
फल (लाभ)
सभी विघ्नों का नाश (विघ्ननाशन), बुद्धि और विवेक की प्राप्ति (बुद्धिप्रदायक), नए कार्यों में सफलता, और सभी धार्मिक इच्छाओं की पूर्ति
देवता
भगवान गणेश
कथा एवं इतिहास
देवी पार्वती ने चन्दन के लेप से गणेश की रचना की और उनमें प्राण फूँके। जब शिव लौटे, गणेश ने उन्हें रोका। शिव ने क्रोध में उनका सिर काट दिया। पार्वती को शान्त करने के लिए शिव ने हाथी का सिर लगाया।
कैसे मनाएँ
घर में गणेश प्रतिमा (मिट्टी) स्थापित करें। 1.5 / 3 / 5 / 7 / 10 दिन पूजा करें। मोदक, दूर्वा और लाल फूल चढ़ाएँ। जुलूस के साथ विसर्जन करें।
महत्व
नई शुरुआत के देवता, विघ्नहर्ता। सभी कार्यों से पहले पूजित। ज्ञान, समृद्धि और भक्ति की शक्ति का उत्सव।
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