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शापितदोषः
निर्माण नियम
जन्म कुण्डली में शनि-राहु की युति
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
शापित दोष तब बनता है जब शनि और राहु युत हों, जो पूर्वजन्म के शाप का संकेत माना जाता है। शनि कर्म और अनुशासन, राहु जुनून और पूर्वजन्म की इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
यह दोष दीर्घकालिक विलंब, भय और चिंता के पैटर्न के रूप में प्रकट होता है। हालांकि, 36 वर्ष (शनि परिपक्वता) के बाद महत्वपूर्ण सफलताएँ अक्सर आती हैं।
दीर्घकालिक विलंब
सब कुछ अपेक्षा से अधिक समय लेता है। करियर की उपलब्धियाँ विलम्बित।
मानसिक स्वास्थ्य
चिंता, विफलता का भय। ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास आवश्यक।
रत्न
नीलम (शनि के लिए) — परीक्षण अवधि के बाद ही
मन्त्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः (108 times on Saturdays)
दान
शनिवार को कौवों को भोजन दें। काले तिल और लोहा दान करें।