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शुक्ल नवमी दुर्गा द्वारा शासित होती है, जो शक्ति, सुरक्षा और बुराई पर विजय की देवी हैं। यह तिथि दिव्य सुरक्षा मांगने, प्रयासों में सफलता प्राप्त करने और आध्यात्मिक संकल्प को मजबूत करने के लिए अत्यधिक शुभ है। यह कानूनी लड़ाइयों और धार्मिकता को मुखर करने के लिए अनुकूल है। एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान राम नवमी है, जो भगवान राम के जन्म का उत्सव मनाती है, या नवरात्रि के दौरान महानवमी, जो शक्ति और विजय के लिए दुर्गा की पूजा को समर्पित है।
शुक्ल नवमी, देवी दुर्गा को समर्पित है, जिसे शक्ति, विजय और सुरक्षा के लिए मनाया जाता है। भक्त दुर्गा पूजा करते हैं, दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं, और लाल फूल अर्पित करते हैं। नवमी व्रत का पालन करना अत्यंत पुण्यकारी होता है। प्रतिस्पर्धी कार्य, कानूनी लड़ाई, या विरोधियों के खिलाफ दिव्य हस्तक्षेप की तलाश शुरू करना शुभ होता है। आलस्य, नए रिश्ते शुरू करने, या बड़े वित्तीय लेनदेन में उलझने से बचें। मांस, शराब, या प्याज/लहसुन का सेवन करने से बचें। 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे' मंत्र या दुर्गा चालीसा का पाठ करना चाहिए। दान में कन्याओं (छोटी लड़कियों) या महिलाओं को लाल वस्त्र, मिठाइयाँ, या भोजन अर्पित करना शामिल है, जो शक्ति और साहस के लिए आशीर्वाद प्राप्त करता है।
मंगलवार का स्वामी मंगल (Mangala) है, जो ऊर्जा, साहस और दृढ़ता का प्रतीक है। इसका स्वभाव उग्र, गतिशील और सुरक्षात्मक है, जो शारीरिक शक्ति और संपत्ति संबंधी मामलों को प्रभावित करता है। यह दिन शक्ति की आवश्यकता वाले कार्यों, विवादों को सुलझाने और भूमि या इंजीनियरिंग से संबंधित मामलों के लिए शुभ होता है। यह आमतौर पर सर्जिकल प्रक्रियाओं या प्रतिस्पर्धी प्रयासों के लिए अनुकूल होता है। भक्त अक्सर हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करते हैं और भगवान हनुमान की पूजा करते हैं ताकि मंगल के चुनौतीपूर्ण प्रभावों को कम किया जा सके और प्रतिकूलताओं से शक्ति, साहस और सुरक्षा प्राप्त की जा सके। बाधाओं को दूर करने के लिए उपवास भी रखा जाता है।
उज्जैन में मंगलवार, 23 जून 2026 को तिथि नवमी, नक्षत्र हस्त, योग वरीयान् और करण कौलव है। सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 19:15। राहु काल 15:52 से 17:34, इस दौरान नए शुभ कार्य न आरम्भ करें।
| तिथि | नवमी |
| नक्षत्र | हस्त |
| योग | वरीयान् |
| करण | कौलव |
| वार | मंगलवार |
| सूर्योदय | 05:42 |
| सूर्यास्त | 19:15 |
| राहु काल | 15:52 – 17:34 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:01 – 12:56 |
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हर शब्द के पीछे की शास्त्रीय परिभाषा, गणितीय आधार और व्यावहारिक प्रयोग।
चान्द्र दिवस — सूर्य-चन्द्र के बीच 12° का अन्तर। प्रति मास 30।
चान्द्र भवन — 27 तारकीय भाग, प्रत्येक 13°20' का।
27 सूर्य-चन्द्र संयोग; (सूर्य+चन्द्र) ÷ 13°20'।
अर्ध-तिथि (6° अन्तर)। विष्टि सहित 11 करण।
वार और स्वामी ग्रह। जूलियन दिवस से निर्धारित।
अशुभ 90 मिनट का काल। वार के अनुसार स्थान बदलता है।
महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ काल।