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शुक्रवार, 10 जुलाई 2026
25.32°N, 82.97°E · Asia/Kolkata (UTC+5.5)
वाराणसी, उत्तर प्रदेश के लिए आज का पंचांग — वाराणसी के सटीक निर्देशांक (25.32°N, 82.97°E) के अनुसार गणना किए गए सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि, नक्षत्र, योग, और करण का समय। स्विस एफेमेरिस (NASA JPL DE एफेमेरिस पर आधारित) और लाहिरी अयनांश (चित्रपक्ष) से गणना — ग्रह स्थिति पर उप-आर्क-सेकंड सटीकता। यह पृष्ठ प्रतिदिन वाराणसी के स्थानीय समय के अनुसार अपडेट होता है, जिसमें राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल शामिल हैं।
वाराणसी, जिसे काशी के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में सबसे पवित्र शहर माना जाता है, जो सदियों से एक प्रमुख तीर्थ केंद्र है। यह पूजनीय काशी विश्वनाथ मंदिर का घर है, जो बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। पवित्र गंगा नदी इसके आध्यात्मिक जीवन के केंद्र में है, जिसमें घाटों पर दैनिक गंगा आरती समारोह एक परिभाषित अनुष्ठान है। यहाँ का पंचांग शहर की प्राचीन परंपराओं के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है, जिसमें गंगा में स्नान, श्राद्ध करने और मंदिरों का दौरा करने के लिए शुभ समयों पर जोर दिया जाता है, जो एक आध्यात्मिक राजधानी के रूप में इसकी अद्वितीय स्थिति को दर्शाता है।
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सभी मान वाराणसी के सटीक निर्देशांकों से गणना किए गए हैं। कोई सन्निकटन या डिफ़ॉल्ट नहीं।
तिथि संक्रमण समय 30-पुनरावृत्ति द्विभाजन खोज से निर्धारित, ~1 सेकंड सटीकता। सूर्योदय/सूर्यास्त स्विस एफेमेरिस + वायुमण्डलीय अपवर्तन से। सम्पूर्ण गणना पद्धति के लिए पद्धति पृष्ठ देखें। सम्पूर्ण पद्धति →
वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के लिए दैनिक वैदिक पंचांग — प्रत्येक दिन वाराणसी के अक्षांश 25.32°N और देशांतर 82.97°E के अनुसार सटीक गणना। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग, और करण — शुभ मुहूर्त चयन और दैनिक धार्मिक कृत्यों के लिए अनिवार्य हैं।
सभी गणनाएँ लाहिरी अयनांश (चित्रपक्ष) पर आधारित हैं, जो भारत के अधिकांश पंचांग कर्ताओं द्वारा प्रयुक्त होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त का समय वाराणसी के भौगोलिक निर्देशांक और Asia/Kolkata समय क्षेत्र के अनुसार गणना किया गया है।
यह पृष्ठ सर्वर-रेंडर है और प्रतिदिन अपडेट होता है। अपनी जन्मकुंडली पर ग्रह गोचर के प्रभाव सहित व्यक्तिगत पठन के लिए, अपने सटीक स्थान के साथ इंटरैक्टिव पंचांग का उपयोग करें।
आज का वाराणसी का पंचांग **दशमी** तिथि, **भरणी** नक्षत्र और **धृति** योग से परिभाषित है। कृष्ण पक्ष की घटती ऊर्जा चिंतन और पूर्णता के लिए अनुकूल।
वाराणसी में सूर्योदय 05:14 और सूर्यास्त 18:52 पर है। नीचे दिए गए समय वाराणसी के निर्देशांकों के अनुसार हैं।
तिथि: दशमी (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र: भरणी – आज चन्द्रमा की स्थिति ऊर्जा और पहल को प्रभावित करती है।
योग: धृति
वार: शुक्रवार
राहु काल 10:21 से 12:03 तक है – इस अवधि में महत्वपूर्ण नए कार्य न करें।
वर्ज्यम् काल 00:24 से 01:54 तक सक्रिय है। इस समय नए कार्य न करें।
अमृत काल 08:47 से 10:16 तक है – महत्वपूर्ण निर्णयों, अनुष्ठानों और नए कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय।
यमगण्ड: 15:27–17:09
दशमी और भरणी का संयोग आज चल रहे कार्यों को पूरा करने, ऋण चुकाने और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए उपयुक्त बनाता है।
अपने स्थान के अनुसार व्यक्तिगत पंचांग के लिए देखो पंचांग पर जाएं।
हर शब्द के पीछे की शास्त्रीय परिभाषा, गणितीय आधार और व्यावहारिक प्रयोग।
चान्द्र दिवस — सूर्य-चन्द्र के बीच 12° का अन्तर। प्रति मास 30।
चान्द्र भवन — 27 तारकीय भाग, प्रत्येक 13°20' का।
27 सूर्य-चन्द्र संयोग; (सूर्य+चन्द्र) ÷ 13°20'।
अर्ध-तिथि (6° अन्तर)। विष्टि सहित 11 करण।
वार और स्वामी ग्रह। जूलियन दिवस से निर्धारित।
अशुभ 90 मिनट का काल। वार के अनुसार स्थान बदलता है।
महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ काल।