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श्रवण (Shravana) नक्षत्र के स्वामी चन्द्र हैं। देवता: विष्णु।
| पाद | English | हिन्दी | தமிழ் | తెలుగు | বাংলা | ಕನ್ನಡ | ગુજરાતી |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | Ju | जू | ஜு | జు | জু | ಜು | જુ |
| 2 | Je | जे | ஜே | జే | জে | ಜೇ | જે |
| 3 | Jo | जो | ஜோ | జో | জো | ಜೋ | જો |
| 4 | Gha | घा | கா | ఘా | ঘা | ಘಾ | ઘા |
वैदिक परम्परा के अनुसार, बच्चाक नाम ओकर जन्म नक्षत्र पाद सँ संबंधित अक्षर सँ शुरू होबाक चाही। श्रवण नक्षत्र मे जन्म लेनिहार बच्चा सभक लेल, नाम केर पहिल अक्षर जन्मक समय चन्द्रमाक नक्षत्रक पाद (भाग) सँ निर्धारित होइत अछि। ई प्रथा, जकरा नामकरण कहल जाइत अछि, बच्चाक नाम केँ ओकर ब्रह्मांडीय कंपन सँ जोड़ैत अछि।
सटीक अक्षर निर्धारित करबाक लेल, अहाँ केँ बच्चाक जन्म तिथि, समय आ स्थानक आवश्यकता होइत अछि — ई चन्द्रमाक नक्षत्र आ पादक सटीक गणनाक अनुमति दैत अछि। हमर कुंडली उपकरण ई स्वतः गणना करैत अछि।
हिन्दू त्रिमूर्तिमे संरक्षक देवता भगवान विष्णु, श्रवण नक्षत्रक अधिष्ठाता देवता छथि। ओ ब्रह्माण्डीय व्यवस्था (धर्म) केँ बनाए रखबाक आ ब्रह्मांड केँ पोषित करबाक लेल प्रसिद्ध छथि। प्रायः ब्रह्माण्डीय सर्प शेष पर शयन करैत चित्रित, विष्णु केर निद्रा (योग निद्रा) सृष्टिक सुप्त अवस्थाक प्रतीक अछि। हुनकर अनेक अवतार, जेना राम आ कृष्ण, पृथ्वी पर संतुलन पुनः स्थापित करबाक आ बुराई केँ नष्ट करबाक लेल अवतरित होइत छथि। परम श्रोता आ संरक्षकक रूपमे, विष्णु दिव्य ज्ञान, करुणा, आ ज्ञानक शाश्वत प्रवाह केँ मूर्त रूप दैत छथि, जे हुनका श्रवण आ शिक्षासँ जुड़ल एहि नक्षत्रक लेल एकटा उपयुक्त संरक्षक बनबैत अछि।
कान गहन श्रवण, ग्रहणशीलता आ ज्ञानक अधिग्रहणक प्रतीक अछि। जातक प्रायः जानकारी कें आत्मसात करबाक, दोसर सँ सीखबाक आ प्रभावी ढंग सँ संवाद करबाक तीव्र क्षमता रखैत छथि। ई दिव्य ध्वनि (नाद ब्रह्म) सँ संबंध आ मौखिक परंपराक माध्यम सँ प्राप्त ज्ञान कें दर्शाबैत अछि। ई एकटा मननशील आ अध्ययनशील स्वभाव प्रदान करैत अछि, संगहि प्राप्त अन्तर्दृष्टि कें साझा करबाक इच्छा सेहो होइत अछि, जे हुनका उत्कृष्ट शिक्षक वा परामर्शदाता बनबैत अछि।
श्रवण नक्षत्रक जातकक नाम प्रायः सुनबाक, सीखबाक, ज्ञानक आ दिव्य संरक्षणक विषय-वस्तु कें प्रतिबिम्बित करैत अछि, जे भगवान् विष्णुक भूमिकाक प्रतिध्वनि करैत अछि। चन्द्रमाक कोमल, पोषण करयवला गुण सँ जुड़ल नाम, वा ज्ञान, शिक्षा आ आध्यात्मिक अन्तर्दृष्टि कें दर्शाबैत नाम सेहो अत्यन्त शुभ मानल जाइत अछि। ब्रह्माण्डीय व्यवस्था वा संरक्षणक भाव व्यक्त करयवला नाम उपयुक्त होइत अछि।
श्रवण नक्षत्रक लेल, नाम सामान्यतः 'जू', 'जे', 'जो', वा 'घा' ध्वनि सँ शुरू होइत अछि, जे चारि पादक अनुरूप अछि। ई प्रारंभिक ध्वनि जातकक समृद्धि आ कल्याणक लेल शुभ मानल जाइत अछि। नाम आदर्श रूप सँ सामंजस्यपूर्ण आ कान कें प्रिय होबाक चाही, जे नक्षत्रक ध्वनि आ सुनबा पर देल गेल जोर कें प्रतिबिम्बित करैत अछि। एहि ध्वनि सँ जुड़ल कोनो प्रबल लिंग वरीयता नहि अछि।