हनुमान जयन्ती 2026
हनुमान जयन्ती 2026 की सटीक तिथि, पूजा मुहूर्त व शहर-वार समय
प्रमुख जानकारी
त्योहार की तिथि
गुरुवार, 2 अप्रैल 2026
हनुमान जयन्ती 2026 — शहर-वार समय
| शहर | सूर्योदय | सूर्यास्त |
|---|---|---|
| दिल्ली | 6:10 AM | 6:39 PM |
| मुंबई | 6:31 AM | 6:52 PM |
| बेंगलुरु | 6:15 AM | 6:31 PM |
| चेन्नई | 6:04 AM | 6:20 PM |
| कोलकाता | 5:29 AM | 5:51 PM |
| पुणे | 6:28 AM | 6:48 PM |
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यह तिथि क्यों?
Hanuman Jayanti उदय तिथि नियम का पालन करता है – जिस दिन आवश्यक तिथि सूर्योदय के समय व्याप्त हो, उस दिन त्योहार मनाया जाता है। यह धर्मसिन्धु का सामान्य नियम है।
पूजा विधि
पूजा के चरण
- 1
तैयारी
सूर्योदय से पहले उठें। स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र (लाल/केसरिया श्रेष्ठ) पहनें। पूजा स्थल साफ करें और चौकी पर लाल कपड़ा ...
- 2
आचमन एवं संकल्प
शुद्धि के लिए तीन बार जल का आचमन करें। दाहिने हाथ में जल और अक्षत लेकर पूजा का संकल्प बोलें और जल छोड़ें।
- 3
गणेश वन्दना
विघ्नरहित पूजा के लिए गणेश जी की संक्षिप्त वन्दना से शुरू करें। अक्षत और एक फूल अर्पित करें।
फल (लाभ)
अपार शारीरिक और मानसिक बल, बाधाओं पर विजय पाने का साहस, बुरी शक्तियों से रक्षा, सभी कार्यों में सफलता, और श्रीराम के प्रति भक्ति का गहन होना
देवता
हनुमान जी
कथा एवं इतिहास
हनुमान वायु देव और अंजना के पुत्र हैं। बचपन में उन्होंने सूर्य को पका फल समझकर निगलने का प्रयास किया। इन्द्र ने वज्र से प्रहार किया पर वायु ने उन्हें पुनर्जीवित किया और सभी देवताओं ने उन्हें वरदान दिए...पूरी कथा पढ़ें →
हनुमान वायु देव और अंजना के पुत्र हैं। बचपन में उन्होंने सूर्य को पका फल समझकर निगलने का प्रयास किया। इन्द्र ने वज्र से प्रहार किया पर वायु ने उन्हें पुनर्जीवित किया और सभी देवताओं ने उन्हें वरदान दिए।
कैसे मनाएँ
हनुमान मन्दिर जाएँ, हनुमान चालीसा और सुन्दरकाण्ड का पाठ करें। सिन्दूर, तेल और फूल अर्पित करें।
महत्व
भक्ति, शक्ति और निःस्वार्थ सेवा के मूर्तिमान रूप का उत्सव। हनुमान आदर्श भक्त हैं – शक्तिशाली किन्तु विनम्र।