वसन्त पञ्चमी 2026
वसन्त पञ्चमी 2026 की सटीक तिथि, पूजा मुहूर्त व शहर-वार समय
प्रमुख जानकारी
त्योहार की तिथि
शुक्रवार, 23 जनवरी 2026
वसन्त पञ्चमी 2026 — शहर-वार समय
| शहर | सूर्योदय | सूर्यास्त |
|---|---|---|
| दिल्ली | 7:13 AM | 5:52 PM |
| मुंबई | 7:14 AM | 6:26 PM |
| बेंगलुरु | 6:46 AM | 6:16 PM |
| चेन्नई | 6:35 AM | 6:05 PM |
| कोलकाता | 6:18 AM | 5:18 PM |
| पुणे | 7:09 AM | 6:23 PM |
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यह तिथि क्यों?
Vasant Panchami उदय तिथि नियम का पालन करता है – जिस दिन आवश्यक तिथि सूर्योदय के समय व्याप्त हो, उस दिन त्योहार मनाया जाता है। यह धर्मसिन्धु का सामान्य नियम है।
पूजा विधि
आवश्यक सामग्री
- सरस्वती मूर्ति या चित्र
- श्वेत फूल (विशेषकर श्वेत कमल)
- पीले फूल (गेंदा, सरसों के फूल)
- पुस्तकें (आशीर्वाद के लिए)
- कलम, पेंसिल या लेखन सामग्री
पूजा के चरण
- 1
पीला पहनें एवं तैयारी
जल्दी उठकर स्नान करें और पीले कपड़े पहनें – पीला रंग वसन्त में खिलते सरसों के खेतों का प्रतीक है और वसन्त पंचमी पर सरस...
- 2
सरस्वती वेदी स्थापना
श्वेत कपड़े पर सरस्वती मूर्ति/चित्र पूर्वमुखी रखें। मूर्ति के सामने पुस्तकें, लेखन सामग्री और वाद्ययन्त्र रखें – ये दे...
- 3
आचमन एवं संकल्प
आचमन करें (शुद्धि के लिए तीन बार जल का आचमन)। फिर दाहिने हाथ में पीले अक्षत और जल लेकर, तिथि, स्थान और सरस्वती पूजा का उ...
फल (लाभ)
ज्ञान, प्रज्ञा, वाक्चातुर्य, कला और संगीत में निपुणता, शैक्षणिक और परीक्षा में सफलता, विचार और वाणी की स्पष्टता, सृजनात्मक प्रेरणा, और अज्ञान (जड़ता) के निवारण के लिए देवी सरस्वती का आशीर्वाद
देवता
सरस्वती
कथा एवं इतिहास
ब्रह्मा जी ने सृष्टि रची पर वह मूक और निर्जीव थी। उन्होंने देवी सरस्वती की प्रार्थना की, जो वीणा बजाती हुई उनके मुख से प्रकट हुईं। उनके संगीत ने सृष्टि को जीवन, वाणी और ज्ञान से भर दिया।
कैसे मनाएँ
देवी सरस्वती की पीले फूलों और मिठाइयों से पूजा करें। पीले वस्त्र पहनें। नई शिक्षा या सृजनात्मक कार्य आरम्भ करें। बच्चों का विद्यारम्भ संस्कार इस दिन किया जाता है।
महत्व
वसन्त ऋतु के आगमन का प्रतीक। शिक्षा, संगीत और कला आरम्भ करने का सबसे शुभ दिन।