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चन्द्र-सौर कैलेंडर – मास, ऋतुएँ, सम्वत और अधिक मास का विस्तृत विवरण
हिन्दू कैलेंडर एक चन्द्र-सौर प्रणाली है – यह चन्द्रमा की कलाओं और सूर्य की राशि स्थिति दोनों पर आधारित है। विशुद्ध सौर ग्रेगोरियन या विशुद्ध चन्द्र हिजरी कैलेंडर के विपरीत, हिन्दू कैलेंडर समय-समय पर अधिक मास जोड़कर दोनों का समन्वय करता है।
भारत में एक साथ कई कैलेंडर सम्वत प्रयोग होते हैं। विक्रम सम्वत ग्रेगोरियन से 56-57 वर्ष आगे है (2026 ई. = वि.स. 2083)। शक सम्वत, जो भारत सरकार द्वारा प्रयुक्त है, ग्रेगोरियन से 78 वर्ष पीछे है।
| सम्वत | अन्तर | 2026 CE = | क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| विक्रम सम्वत | +56–57 yr | 2083 | North India, Nepal |
| शक सम्वत | −78 yr | 1948 | Indian Govt, South India |
| कलि युग | +3102 yr | 5128 | Scriptural reference |
| ग्रेगोरियन | 0 yr | 2026 | International standard |
प्रत्येक हिन्दू मास एक पूर्ण चन्द्र चक्र (~29.5 दिन) का होता है। मासों के नाम उस नक्षत्र पर रखे जाते हैं जिसमें पूर्णिमा पड़ती है। चन्द्र मास सौर मास से छोटे होने के कारण लगभग हर 32.5 मास पर एक अतिरिक्त मास (अधिक मास) जोड़ा जाता है।
| # | मास | ग्रेगोरियन | ऋतु |
|---|---|---|---|
| 1 | चैत्र | Mar–Apr | Vasanta |
| 2 | वैशाख | Apr–May | Vasanta |
| 3 | ज्येष्ठ | May–Jun | Grishma |
| 4 | आषाढ़ | Jun–Jul | Grishma |
| 5 | श्रावण | Jul–Aug | Varsha |
| 6 | भाद्रपद | Aug–Sep | Varsha |
| 7 | आश्विन | Sep–Oct | Sharad |
| 8 | कार्तिक | Oct–Nov | Sharad |
| 9 | मार्गशीर्ष | Nov–Dec | Hemant |
| 10 | पौष | Dec–Jan | Hemant |
| 11 | माघ | Jan–Feb | Shishir |
| 12 | फाल्गुन | Feb–Mar | Shishir |
एक ही मास के दो भिन्न प्रारम्भ बिन्दु होते हैं। अमान्त (अमावस्या अन्त) में मास अमावस्या के बाद प्रारम्भ होता है – गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत में प्रयुक्त। पूर्णिमान्त (पूर्णिमा अन्त) में मास पूर्णिमा के बाद प्रारम्भ होता है – उत्तर भारत में प्रयुक्त।
गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत, अधिकांश पंचांग।
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान।
हिन्दू वर्ष 6 ऋतुओं में विभाजित है, प्रत्येक दो मास की, जो सूर्य की स्थिति से जुड़ी हैं।
सौर वर्ष दो भागों में विभाजित है जिन्हें अयन कहते हैं। उत्तरायण सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से प्रारम्भ होता है – मकर संक्रान्ति के रूप में मनाया जाता है। दक्षिणायन सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश से प्रारम्भ होता है।
जनवरी–जुलाई। शुभ कार्यों के लिए उत्तम।
जुलाई–जनवरी। तपस्या और साधना काल।
12 चन्द्र मासों का वर्ष ~354 दिनों का होता है – सौर वर्ष से लगभग 11 दिन कम। बिना सुधार के त्योहार ऋतुओं में भटक जाएंगे। समाधान: जब किसी चन्द्र मास में सूर्य राशि परिवर्तन (संक्रान्ति) नहीं होती, वह मास अधिक (अतिरिक्त) घोषित होता है।
दैनिक पंचांग पृष्ठ पाँच मुख्य तत्त्व (तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार) के साथ सूर्योदय/सूर्यास्त, राहु काल और मास की जानकारी दिखाता है।