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उभयचारीयोगः
निर्माण नियम
सूर्य से 2वें और 12वें दोनों में ग्रह (वेशी + वासी संयुक्त)
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
उभयचारी योग वेशी और वासी का संयोजन है — सूर्य दोनों ओर ग्रहों से सुरक्षित है। यह राजा जैसा व्यक्तित्व, वाक्पटुता, बलवान शरीर और धन प्रदान करने वाला शक्तिशाली योग है।
शास्त्रीय ग्रन्थ उभयचारी जातकों को अत्यंत सुन्दर, वाक्पटु, धनवान और बलवान बताते हैं।
राजसी व्यक्तित्व
राजा जैसा आचरण, वाक्पटुता, शारीरिक शक्ति, धन और चुम्बकीय व्यक्तित्व।
उभयचरी योग वाले जातक अक्सर एक प्रभावशाली उपस्थिति प्रदर्शित करते हैं, स्वाभाविक रूप से अपने पेशेवर और सामाजिक दायरे में सम्मान और प्रशंसा आकर्षित करते हैं। उनकी वाक्पटु संवाद क्षमताएँ और चुंबकीय व्यक्तित्व नेतृत्व की भूमिकाओं और सफल सार्वजनिक संवादों को सुगम बनाते हैं। शारीरिक रूप से, वे अक्सर अच्छे स्वास्थ्य और एक मजबूत काया के धनी होते हैं, जो उनकी समग्र जीवन शक्ति में योगदान देता है। संबंध आमतौर पर उनके प्रभावशाली स्वभाव से चिह्नित होते हैं, जहाँ उन्हें संरक्षक और प्रदाता के रूप में देखा जाता है।
उभयचारी योग के प्रभाव सामान्यतः सूर्य की दशा अथवा अन्तर्दशा काल में, अथवा सूर्य से द्वितीय और द्वादश भावों में स्थित ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा में प्रकट होते हैं। ये काल प्रायः जातक के नेतृत्व गुणों और समृद्धि को उजागर करते हैं।