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वेशीयोगः
निर्माण नियम
सूर्य से 2वें भाव में ग्रह (चन्द्र नहीं)
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
वेशी योग तब बनता है जब चन्द्र को छोड़कर कोई ग्रह सूर्य से 2वें भाव में हो। यह सूर्य का "अगला रक्षक" बनाता है, जातक के अधिकार, धन संचय और सार्वजनिक छवि को बढ़ाता है।
प्रभाव इस पर निर्भर करता है कि कौन सा ग्रह है। शुभ ग्रह: शुभ वेशी (धन, यश)। पाप ग्रह: अशुभ वेशी (अधिकार और वित्त में चुनौतियाँ)।
अधिकार और धन
बढ़ा हुआ अधिकार, धन संचय क्षमता और सकारात्मक सार्वजनिक छवि।