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Upanayana Muhurat
2026 में उपनयन (पवित्र जनेऊ संस्कार) के लिए शुभ तिथियां खोजें। यह महत्वपूर्ण वैदिक संस्कार बच्चे को वैदिक अध्ययन में दीक्षित करता है।
हमारा AI-संचालित इंजन आपकी विशिष्ट गतिविधि के लिए पंचांग, गोचर, होरा और चौघड़िया के आधार पर समय खंडों को 0-100 अंक देता है।
सर्वोत्तम मुहूर्त खोजेंपारम्परिक वैदिक मुहूर्त नियमों पर आधारित – अनुकूल नक्षत्र, तिथि, वार और ग्रह स्थिति।
15 अप्रैल (बुध) – वैशाख शुक्ल, पुष्य नक्षत्र
22 अप्रैल (बुध) – वैशाख शुक्ल दशमी, हस्त
6 मई (बुध) – ज्येष्ठ शुक्ल, हस्त नक्षत्र
20 मई (बुध) – ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी, श्रवण
4 जून (गुरु) – आषाढ़ शुक्ल, स्वाती नक्षत्र
नोट: ये तिथियां अनुमानित हैं। व्यक्तिगत, स्थान-विशिष्ट सिफारिशों के लिए हमारा मुहूर्त AI टूल उपयोग करें।
वैदिक ग्रन्थों और ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार ध्यान देने योग्य बातें।
उपनयन पारम्परिक रूप से 7-16 वर्ष की उम्र में, आदर्शतः यौवनारम्भ से पहले किया जाता है।
माघ, फाल्गुन, चैत्र और वैशाख मास सबसे शुभ माने जाते हैं।
हस्त, चित्रा, स्वाती, पुष्य, धनिष्ठा, श्रवण और रेवती अनुकूल नक्षत्र हैं।
सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार पसन्दीदा वार हैं।
गुरु और शुक्र अस्त नहीं होने चाहिए, और संस्कार चातुर्मास में नहीं होना चाहिए।
2026 में अपने बच्चे के मुंडन (चूड़ाकरण) संस्कार के लिए सबसे शुभ तिथि खोजें। यह महत्वपूर्ण वैदिक संस्कार स्वास्थ्य, दीर्घायु और शुद्धि के लिए किया जाता है।
मुहूर्त चयन के बारे में और जानें2026 में अपने शिशु के नामकरण संस्कार के लिए सबसे शुभ तिथि खोजें। जन्म नक्षत्र के अक्षरों पर आधारित नाम वैदिक परम्परा में आजीवन महत्व रखता है।
मुहूर्त चयन के बारे में और जानें2026 में अपने विवाह के लिए सबसे शुभ तिथि और समय खोजें। हमारा मुहूर्त इंजन पंचांग तत्वों, ग्रह गोचर और पारम्परिक विवाह मुहूर्त नियमों का विश्लेषण करता है।
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