Loading...
Loading...
रविवार, 30 अगस्त 2026
26.15°N, 85.89°E · Asia/Kolkata (UTC+5.5)
दरभंगा, बिहार के लिए आज का पंचांग — दरभंगा के सटीक निर्देशांक (26.15°N, 85.89°E) के अनुसार गणना किए गए सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि, नक्षत्र, योग, और करण का समय। स्विस एफेमेरिस (NASA JPL DE एफेमेरिस पर आधारित) और लाहिरी अयनांश (चित्रपक्ष) से गणना — ग्रह स्थिति पर उप-आर्क-सेकंड सटीकता। यह पृष्ठ प्रतिदिन दरभंगा के स्थानीय समय के अनुसार अपडेट होता है, जिसमें राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल शामिल हैं।
परिवार के साथ साझा करें
आज का विवरण अपने परिवार के WhatsApp ग्रुप में भेजें
सभी मान दरभंगा के सटीक निर्देशांकों से गणना किए गए हैं। कोई सन्निकटन या डिफ़ॉल्ट नहीं।
तिथि संक्रमण समय 30-पुनरावृत्ति द्विभाजन खोज से निर्धारित, ~1 सेकंड सटीकता। सूर्योदय/सूर्यास्त स्विस एफेमेरिस + वायुमण्डलीय अपवर्तन से। सम्पूर्ण गणना पद्धति के लिए पद्धति पृष्ठ देखें। सम्पूर्ण पद्धति →
कार्यों का फल तीन गुना होता है – महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अत्यंत शुभ
सभी कार्यों में सफलता – शुभ वार-नक्षत्र संयोग
दरभंगा (बिहार) के लिए दैनिक वैदिक पंचांग — प्रत्येक दिन दरभंगा के अक्षांश 26.15°N और देशांतर 85.89°E के अनुसार सटीक गणना। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग, और करण — शुभ मुहूर्त चयन और दैनिक धार्मिक कृत्यों के लिए अनिवार्य हैं।
सभी गणनाएँ लाहिरी अयनांश (चित्रपक्ष) पर आधारित हैं, जो भारत के अधिकांश पंचांग कर्ताओं द्वारा प्रयुक्त होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त का समय दरभंगा के भौगोलिक निर्देशांक और Asia/Kolkata समय क्षेत्र के अनुसार गणना किया गया है।
यह पृष्ठ सर्वर-रेंडर है और प्रतिदिन अपडेट होता है। अपनी जन्मकुंडली पर ग्रह गोचर के प्रभाव सहित व्यक्तिगत पठन के लिए, अपने सटीक स्थान के साथ इंटरैक्टिव पंचांग का उपयोग करें।
आज का दरभंगा का पंचांग **द्वितीया** तिथि, **उत्तरभाद्रपद** नक्षत्र और **शूल** योग से परिभाषित है। कृष्ण पक्ष की घटती ऊर्जा चिंतन और पूर्णता के लिए अनुकूल।
दरभंगा में सूर्योदय 05:25 और सूर्यास्त 18:08 पर है। नीचे दिए गए समय दरभंगा के निर्देशांकों के अनुसार हैं।
तिथि: द्वितीया (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र: उत्तरभाद्रपद – आज चन्द्रमा की स्थिति आध्यात्मिकता और विश्राम को प्रभावित करती है।
योग: शूल
वार: रविवार
राहु काल 16:33 से 18:08 तक है – इस अवधि में महत्वपूर्ण नए कार्य न करें।
वर्ज्यम् काल 14:07 से 15:43 तक सक्रिय है। इस समय नए कार्य न करें।
अमृत काल 23:20 से 00:56 तक है – महत्वपूर्ण निर्णयों, अनुष्ठानों और नए कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय।
यमगण्ड: 11:46–13:22
द्वितीया और उत्तरभाद्रपद का संयोग आज चल रहे कार्यों को पूरा करने, ऋण चुकाने और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए उपयुक्त बनाता है।
अपने स्थान के अनुसार व्यक्तिगत पंचांग के लिए देखो पंचांग पर जाएं।
हर शब्द के पीछे की शास्त्रीय परिभाषा, गणितीय आधार और व्यावहारिक प्रयोग।
चान्द्र दिवस — सूर्य-चन्द्र के बीच 12° का अन्तर। प्रति मास 30।
चान्द्र भवन — 27 तारकीय भाग, प्रत्येक 13°20' का।
27 सूर्य-चन्द्र संयोग; (सूर्य+चन्द्र) ÷ 13°20'।
अर्ध-तिथि (6° अन्तर)। विष्टि सहित 11 करण।
वार और स्वामी ग्रह। जूलियन दिवस से निर्धारित।
अशुभ 90 मिनट का काल। वार के अनुसार स्थान बदलता है।
महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ काल।