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देवता: भगवान गणेश
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्म का उत्सव है। कथा बताती है कैसे पार्वती ने हल्दी से गणेश को बनाया, कैसे शिव ने अनजाने में बालक का शीश काटा, और कैसे हाथी के शीश से पुनर्जीवित कर उन्हें प्रथम पूज्य घोषित किया — सभी देवताओं से पहले पूजनीय।
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी — सामान्यतः अगस्त/सितम्बर। उत्सव 1.5, 3, 5, 7 या 10 दिन चलता है।
गणेश चतुर्थी पूजा सभी बाधाएं दूर करती है, विद्या, शिक्षा और व्यापार में सफलता, नई शुरुआत में सुरक्षा, और समृद्धि प्रदान करती है।
मिट्टी की गणेश मूर्ति स्थापित करें। मन्त्रों से प्राण प्रतिष्ठा करें। 21 मोदक, 21 दूर्वा गुच्छ, लाल पुष्प, सिन्दूर अर्पित करें। घी का दीया जलाएं। गणपति अथर्वशीर्ष या "ॐ गं गणपतये नमः" का 108 बार जाप करें। कर्पूर से आरती करें। अन्तिम दिन "गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लौकरिया!" के जयघोष से विसर्जन करें।
गणेश चतुर्थी व्रत एक पवित्र ग्रन्थ है जिसे उसके पारम्परिक रूप में पढ़ना चाहिए। प्रामाणिक पूर्ण पाठ के लिए अपने पारिवारिक पण्डित या विश्वसनीय प्रकाशन से परामर्श करें।