गुरु नानक जयन्ती 2026
गुरु नानक जयन्ती 2026 का पर्व मंगलवार, Tuesday, November 24, 2026. तिथि: kartika shukla 15.
गुरु नानक जयन्ती 2026 लेल सटीक तिथि, पूजा मुहूर्त आ शहरक अनुसार समय
मुख्य जानकारी
पर्वक तिथि
Tuesday, November 24, 2026
2026 कें पंचांग संदर्भ
दिन
मंगलवार
विक्रम संवत्
2083
शक संवत्
1948
This year Guru Nanak Jayanti falls on a Tuesday, 19 days later than 2025 (2025-11-05) — typical lunar-calendar drift.
Falling on a Tuesday gives the day a Mangal emphasis — courage-related rites and red offerings carry extra weight.
The 2025 observance fell on Wednesday, 2025-11-05 — this year arrives 19 days later in the Gregorian calendar, the Adhika-masa pattern when an intercalary lunar month pushes the cycle forward.
Looking ahead to 2027, Guru Nanak Jayanti will fall on Sunday, 2027-11-14 (10 days earlier than this year). So planning ritual schedules across years means anchoring to the tithi rather than the Gregorian date.
Astronomical context for Guru Nanak Jayanti 2026
On Tuesday, November 24, 2026, sunrise in Delhi (the reference city for this page) falls at 06:50 IST and sunset at 17:24 IST — a daylight span of 10h 34m. Across the six pan-Indian cities tabulated below, sunrise on this date varies from 05:54 (Kolkata) at the eastern edge to 06:51 (Mumbai) in the west — a 57-minute difference that drives the city-by-city muhurat shift you see in the table.
For Guru Nanak Jayanti 2026, the central rite of udaya tithi (sunrise) depends on the Kartika Shukla 15 being present during that window on 2026-11-24 — confirmed across 6 reference cities in this year's computation pass. Cities further east (Kolkata, Chennai) see the window open ~15-25 minutes before Delhi; cities west of Delhi (Mumbai, Pune, Bangalore) see it start later by a similar margin.
City-Wise Timings for Guru Nanak Jayanti 2026
| शहर | सूर्योदय | सूर्यास्त |
|---|---|---|
| दिल्ली | 6:50 AM | 5:24 PM |
| मुंबई | 6:51 AM | 5:59 PM |
| बेंगलुरु | 6:22 AM | 5:50 PM |
| चेन्नई | 6:11 AM | 5:39 PM |
| कोलकाता | 5:54 AM | 4:51 PM |
| पुणे | 6:46 AM | 5:56 PM |
Click any city for detailed local timings, puja vidhi & samagri list
ई तिथि किएक?
कार्तिक पूर्णिमा नियम: ई बिक्रमी / उत्तर भारतीय विक्रमी पंचांगक अनुसार कार्तिक मासक पूर्णिमा पर मनाओल जाइत अछि – ई ओ दिन अछि जखन १४६९ ई. मे गुरु नानक देव जीक जन्म भेल छल। ई कार्तिक शुक्ल पूर्णिमाकेँ पड़ैत अछि।
पूजा विधि
आवश्यक सामग्री
- गुरु ग्रन्थ साहिब (वा गुरु नानकक चित्र)
- ताजा फूल (गेंदा, गुलाब)
- कड़ा प्रसादक सामग्री (आटा, घी, चीनी)
- घीक दीप (ज्योति)(5)
- धूप (अगरबत्ती / धूप)
पूजाक चरण
- 1
प्रभात फेरी (भोरक जुलूस)
अमृत वेला (भोरसँ पहिने, लगभग ४ बजे) उठू। प्रभात फेरीमे शामिल होऊ – पड़ोसमे गुरु ग्रंथ साहिबसँ शबद (भक्ति गीत) गबैत एकटा ...
- 2
जपजी साहिब पाठ
गुरु नानक देव जी द्वारा रचित प्रभातक प्रार्थना, पूर्ण जपुजी साहिबक पाठ करू। ई गुरु ग्रंथ साहिबक प्रारंभिक रचना अछि आ मूल...
- 3
गुरुद्वारा दर्शन ओ कीर्तन
गुरुद्वारा मे दर्शन लेल जाऊ। विशेष कीर्तन (भक्तिपूर्ण गायन) कार्यक्रम मे भाग लिअ। गुरु नानकक जीवन, यात्रा (उदासी), आ शिक...
फल (लाभ)
भक्तिपूर्वक गुरु नानक जयन्ती मनायब सँ आध्यात्मिक जागृति, आन्तरिक शान्ति आ दिव्य कृपा प्राप्त होइत अछि। लंगर सेवा केर अभ्यास हजारो लोक केँ भोजन कराबय केर पुण्य दैत अछि तथा नम्रता आ समानता केर भावना विकसित करैत अछि। नाम सिमरन (दिव्य नाम केर जप) मन केँ शुद्ध करैत अछि आ व्यक्ति केँ वाहेगुरु केर नजदीक लबैत अछि। गुरु नानक केर आशीर्वाद अहंकार, मोह आ दुःख केर चक्र केँ दूर करैत अछि।
देवता
गुरु नानक देव जी / सत् गुरु
कथा आ इतिहास
गुरु नानक जयन्ती — गुरपूरब — सिख धर्म कऽ संस्थापक गुरु नानक देव जी कऽ जन्मदिवस कऽ स्मरण, 1469 ईस्वी कऽ कार्तिक पूर्णिमा कऽ। पूरा कथा पढू →कम देखाबू ↑
गुरु नानक जयन्ती — गुरपूरब — सिख धर्म कऽ संस्थापक गुरु नानक देव जी कऽ जन्मदिवस कऽ स्मरण, 1469 ईस्वी कऽ कार्तिक पूर्णिमा कऽ।
जनमसाखी कऽ अनुसार ओकर जन्म राय भोई दी तलवण्डी (आइ नानकाना साहिब, पाकिस्तान मे) — मेहता कालू आ माता तृप्ता कऽ ओहिठाम। बचपन सँ असाधारण — पाँच साल मे पण्डित-मुल्ला सँ अनुत्तरणीय प्रश्न। नौ साल मे जनेऊ संस्कार सँ इन्कार — "एहि सूत कऽ कोन प्रयोजन जे मलिन होइ, टूटि सकैत अछि, जरि सकैत अछि? हमरा करुणा-सन्तोष-संयम-सत्य कऽ सूत दिअ।"
केन्द्रीय क्षण — सुलतानपुर लोढी कऽ काली बेईं नदी मे तीन दिन अदर्शन। तेसर दिन प्रकट भऽ कऽ पहिल वचन — "ना कोई हिन्दू, ना कोई मुसलमान।" इयैह सिख मार्ग कऽ संस्थापक उक्ति।
फेर चारि महान उदासी — पैदल, मुसलमान सङ्गी मरदाना कऽ रबाब कऽ संग। हरिद्वार सँ मक्का तक। हुनकर भजनयैह जपजी साहिब आ गुरु ग्रन्थ साहिब भेल। 1539 मे करतारपुर मे देहत्याग।
पर्व अनुष्ठान — अखण्ड पाठ (48 घण्टा मे पूर्ण गुरु ग्रन्थ साहिब), कार्तिक पूर्णिमा कऽ नगर कीर्तन, दिन भरि लङ्गर — मुफ्त सामुदायिक भोजन, सबकें भूमि पर समान बैठि कऽ। एयैह "ना कोई हिन्दू ना कोई मुसलमान" कऽ भौतिक रूप। कड़ाह प्रसाद कऽ संग दिन समाप्त।
कनाय पालन करब
कार्तिक पूर्णिमा सँ दू दिन पहिने अखण्ड पाठ शुरू — पूर्ण गुरु ग्रन्थ साहिब 48 घण्टा मे। पूर्णिमा कऽ प्रातः नगर कीर्तन। दिन भरि लङ्गर। सन्ध्या मे कड़ाह प्रसाद।
महत्व
गुरु नानक जयन्ती सिख कैलेण्डर कऽ पवित्रतम दिन। संस्थापक गुरु नानक कऽ "ना कोई हिन्दू ना कोई मुसलमान" कऽ पहिल वचन लङ्गर कऽ रूप मे आइ धरि जीवित।
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