अमरावती · Maharashtra
नरक चतुर्दशी 2030अमरावती मे
Exact puja times & muhurta computed for Amravati coordinates (20.94°N, 77.78°E)
मुख्य समय
पर्वक तिथि
Friday, October 25, 2030
सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
17:47
ई तिथि किएक?
निशिता काल (मध्यरात्रि) नियम: ओहि दिन मनाओल जाइत अछि जखन मध्यरात्रि मे चतुर्दशी तिथि रहैत अछि – दीपावली सँ एक राति पहिने। भोर सँ पहिने कयल गेल अभ्यंग स्नान (तेल स्नान) नव वर्षक लेल पवित्र करैत अछि। एकरा छोटकी दीपावली सेहो कहल जाइत अछि।
तिथि निर्धारणक नियम
The tithi must prevail during Nishita Kaal (midnight). Used for festivals like Maha Shivaratri and Janmashtami.
Source: Dharmasindhu & Nirnayasindhu – classical Kala-Vyapti system
गणनाक प्रमाण – पारदर्शी लेखा परीक्षण
देवता
भगवान कृष्ण, देवी काली
कथा आ इतिहास
नरक चतुर्दशी कृष्ण द्वारा नरकासुर वध का उत्सव है। नरकासुर ने 16,100 राजकुमारियों को बन्दी बनाया था। कृष्ण ने सत्यभामा सहित युद्ध कर उसे मारा और सबको मुक्त किया। भोर में कृष्ण को सुगन्धित तेल से स्नान … पूरा कथा पढू →कम देखाबू ↑
नरक चतुर्दशी कृष्ण द्वारा नरकासुर वध का उत्सव है। नरकासुर ने 16,100 राजकुमारियों को बन्दी बनाया था। कृष्ण ने सत्यभामा सहित युद्ध कर उसे मारा और सबको मुक्त किया। भोर में कृष्ण को सुगन्धित तेल से स्नान कराया गया। कुछ स्थानों पर इसे काली चौदस के रूप में मनाते हैं।
कनाय पालन करब
भोर से पहले उठकर तिल के तेल और उबटन से अभ्यंग स्नान करें। शाम को चौदह दीप जलाएँ। पटाखे फोड़ें। कृष्ण और कुछ परम्पराओं में काली या हनुमान की पूजा करें। विशेष मिठाइयाँ बनाएँ।
महत्व
नरक चतुर्दशी बुराई के नाश और पीड़ितों की मुक्ति का प्रतीक है। भोर का स्नान पापों को धोता है और चौदह दीप चौदह लोकों को प्रकाशित करते हैं। यह दीपावली से पूर्व शुद्धिकरण का दिन है।