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अयनांश ज्योतिषक सभसँ मूलभूत सुधारक कारक छी। पृथ्वीक धुरी किएँ लड़खड़ाइत अछि ई बुझनाइ अहाँक कुण्डलीक हर गणनाक नींव छी।
एकटा लट्टूक कल्पना करू। जखन ई घूमैत अछि, तखन एकर धुरी हवामे एकटा वृत्त बनबैत अछि — ई "प्रिसेशन" छी। पृथ्वी सेहो एहने करैत अछि! पृथ्वीक धुरी 23.5° झुकल अछि आ धीरे-धीरे अंतरिक्षमे एकटा शंकु बनबैत अछि। एकटा पूर्ण वृत्त ~25,772 वर्षमे पूरा होइत अछि।
💡 आजि, ध्रुव तारा उत्तरी ध्रुवपर अछि। ~14,000 CE मे, प्रिसेशनक कारण, वेगा ध्रुव तारा बनत। ~26,000 CE मे फेर ध्रुव तारा आओत। ई चक्र शाश्वत अछि।
~24° अंतर = ~80% लोकक पश्चिमी राशि हुनक वैदिक राशिसँ अलग अछि। जँ अहाँक पश्चिमी सूर्य राशि "मेष" अछि आ सूर्य 24° सँ कम पर अछि, तँ वैदिकमे अहाँ "मीन" छी!
विभिन्न विद्वान सभ स्थिर तारा संदर्भ बिंदु अलग-अलग मानलनि, जाहिसँ अयनांश मानमे मामूली अंतर होइत अछि। भारत सरकार 1956 मे लाहिरी (चित्रपक्ष) केँ आधिकारिक मानक घोषित कएलक।
| पद्धति | 2026 मान | संदर्भ बिंदु | उपयोग |
|---|---|---|---|
| Lahiri (Chitrapaksha) | 24.22° | चित्रा तारा ठीक 180° पर | भारत सरकार आधिकारिक, अधिकांश भारतीय ज्योतिषी |
| KP (Krishnamurti) | 24.13° | लाहिरीक निकट, ~6' अंतर | KP पद्धति अनुयायी |
| Raman | 22.82° | CV रमनक अपन अंशांकन | Dr. B.V. रमनक अनुयायी |
| BV Raman | 22.73° | B.V. रमन पद्धति | किछ दक्षिण भारतीय ज्योतिषी |
| Yukteshwar | 22.09° | श्री युक्तेश्वर गिरि | योगानंद/SRF परंपरा |
| Fagan-Bradley | 24.87° | अल्डेबैरन 15° वृषभमे | पश्चिमी सायन ज्योतिष |
💡 अंतर छोट लागैत अछि (~1-2°), मुदा ई राशि सीमापर स्थित ग्रहक राशि बदलि सकैत अछि। अधिकांश स्थितिमे लाहिरी सभसँ विश्वसनीय अछि।
सभ 9 ग्रहक राशि, नक्षत्र, आ पाद स्थिति अयनांश सुधारपर निर्भर करैत अछि।
लग्न — कुण्डलीक सभसँ महत्वपूर्ण बिंदु — अयनांशसँ सीधा प्रभावित। गलत अयनांश = गलत लग्न = गलत कुण्डली।
विंशोत्तरी दशा चंद्रक नक्षत्रपर आधारित अछि। नक्षत्र बदलनाइ = दशा आरंभ/समाप्ति तिथि बदलनाइ।