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वह प्रतिभाशाली चान्द्र-सौर प्रणाली जो त्योहारों को चन्द्रमा और ऋतुओं दोनों से जोड़े रखती है
"ई बेर दिवाली नवम्बर मे किएक अछि? पिछला साल ओ अक्टूबर मे छल!" – ई प्रश्न हर साल पुछल जाइत अछि। उत्तर सरल आ सुन्दर अछि: दिवाली नहि बदलैत अछि। अहाँक पंचांग बदलैत अछि।
अहाँ कहियो सोचलहुँ अछि की दिवाली कहियो अक्टूबर मे आ कहियो नवम्बर मे किएक होइत अछि? वा अहाँक दादी किएक कहैत छथि जे एकादशीक व्रत एकटा खास सूर्योदय पर शुरू हेबाक चाही? उत्तर मानवजातिक सबसँ परिष्कृत पंचांग प्रणाली मे सँ एक मे अछि – आ भारतक संस्करण संभवतः सबसँ सुन्दर अछि।
हिन्दू चान्द्र-सौर पंचांगक ईटा विशेषता अछि: ई चन्द्रमाक (जे ज्वार, कृषि आ जैविक लय के नियंत्रित करैत अछि) ट्रैक करैत अछि जखन कि सूर्य (जे ऋतुसभ के नियंत्रित करैत अछि) सँ संरेखित रहैत अछि। इस्लामिक पंचांग जकाँ शुद्ध चान्द्र पंचांग प्रति साल ११ दिन खिसकि जाइत अछि – एही कारण सँ रमजान सभ ऋतुसभ मे घूमैत अछि। हिन्दू पंचांग लगभग ३३ मास पर एकटा अधिक मास (अधिला मास) जोड़ि कए एहि सँ बचैत अछि। ई ब्रह्माण्डक लेल ऑटो-करेक्ट जकाँ अछि। पंचांग के एकटा ब्रह्मांडीय मौसम ऐप बुझू – मुदा ई ३,००० साल सँ चलि रहल अछि।
संसार मे तीनटा मुख्य पंचांग प्रणाली अछि:
ग्रेगोरियन = शुद्ध सौर
३६५.२५ दिन/साल। ऋतुसभ सँ संरेखित – २५ दिसम्बर हमेशा जाड़ मे होइत अछि। मुदा चन्द्रमाक कलासभ केँ पूर्ण रूप सँ अनदेखा करैत अछि।
इस्लामिक = शुद्ध चान्द्र
३५४ दिन/साल। चन्द्रमाक कलासभ सँ संरेखित – मुदा ऋतुसभ मे खिसकि जाइत अछि। एही कारण सँ रमजान हर साल लगभग ११ दिन पहिने आबैत अछि, लगभग ३३ साल मे एकटा पूर्ण चक्र पूरा करैत अछि।
हिन्दू = चंद्र-सौर (प्रतिभाशाली संकर)
मास चन्द्रमाक अनुसरण करैत अछि (लगभग २९.५ दिन/मास), मुदा साल सूर्य/ऋतुसभ सँ अधिक मास (अधिला मास, लगभग ३३ मास पर) क माध्यम सँ संरेखित रहैत अछि। होली हमेशा बसंत मे होइत अछि, दिवाली हमेशा शरद ऋतु मे!
दिवाली हमेशा कार्तिक अमावस्या (कार्तिक मासक अमावस्या) केँ होइत अछि। ई चान्द्र-सौर तिथि विभिन्न ग्रेगोरियन तिथि सँ मेल खाइत अछि – मुदा हिन्दू पंचांग मे, ई हमेशा एकहि तिथि होइत अछि।
भारत चान्द्र-सौर पंचांग केँ स्वतंत्र रूप सँ विकसित केलक। मेटोनिक चक्र (१९ सालक दोहराव पैटर्न जतय चन्द्रमाक कलासभ एकहि सौर तिथि पर दोहराओल जाइत अछि) एथेंसक मेटोन (४३२ ईसा पूर्व) सँ पहिने भारत मे ज्ञात छल।
भारतीय पंचांग सुधार समिति (१९५५) क नेतृत्व भौतिक विज्ञानी मेघनाद साहा केने छलाह – ओहि साहा जे खगोल भौतिकी मे साहा आयनीकरण समीकरणक खोज केने छलाह। एकटा विश्व स्तरीय वैज्ञानिक भारतक राष्ट्रीय पंचांग केँ मानकीकृत केलक।
Quick Check
Why does Diwali fall on different Gregorian dates each year?