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वर्षफल में अनुकूलित अरबी भाग – गणित किए गए बिन्दु जो वर्ष के विशिष्ट जीवन विषयों को प्रकट करते हैं
सहम ("अरबी भाग" या "लॉट" भी कहे जाते हैं) राशिचक्र में गणितीय रूप से गणित संवेदनशील बिन्दु हैं जो विशिष्ट जीवन क्षेत्रों के कारकत्व को एक अंश में केन्द्रित करते हैं। प्रत्येक सहम एक सरल सूत्र से गणित होता है: सहम = बिन्दु_A + बिन्दु_B - बिन्दु_C, जहाँ तीन बिन्दु प्रायः ग्रह या लग्न हैं। राशिचक्र में परिणामी अंश वार्षिक कुण्डली में उस जीवन क्षेत्र का शक्तिशाली सूचक बन जाता है।
The most important Sahams are: Punya Saham (fortune) = Moon + Sun - Lagna; Vidya Saham (education) = Jupiter + Mercury - Lagna; Karma Saham (career) = Saturn + Sun - Lagna; Yashas Saham (fame) = Jupiter + Sun - Lagna; Mitra Saham (friendship) = Jupiter + Moon - Lagna; Vivaha Saham (marriage) = Venus + Saturn - Lagna; Putra Saham (children) = Jupiter + Moon - Lagna; Roga Saham (disease) = Saturn + Mars - Lagna; and Mrityu Saham (death/transformation) = Saturn + Moon - Lagna. Approximately 16 Sahams are standard in Tajika practice.
सहम हेलेनिस्टिक "लॉट" (ग्रीक: "क्लेरोस") से व्युत्पन्न हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध लॉट ऑफ फॉर्च्यून (टाइखे) है। ये अरबी मध्यस्थों द्वारा भारतीय ज्योतिष में आए – अरबी "सहम" (बहुवचन: सुहम) का अर्थ "तीर" या "भाग" है। ताजिक नीलकण्ठी और समरसिंह के कर्मप्रकाश जैसे ग्रन्थ भारतीय अनुकूलनों का विवरण देते हैं। यद्यपि सूत्र अपने अरबी/हेलेनिस्टिक मूल से समान हैं, भारतीय ज्योतिषी इन्हें भाव, स्वामित्व और दशाओं के वैदिक ढाँचे में व्याख्यायित करते हैं।