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वैदिक उपाय (उपचार) दुर्बल शुभ ग्रहक सशक्त करबाक या प्रबल पाप ग्रहक शान्त करबाक लेल निर्धारित क्रिया छी। ई संदर्भ सभ नौ ग्रहक लेल रत्न, मंत्र, दान, उपवास, रंग आ देवता केर जानकारी दैत अछि।
उपचार देखबाक लेल ग्रह चुनू
सभ ग्रहक सशक्त नहि करबाक चाही। निर्णय एहि बात पर निर्भर करैत अछि जे ग्रह अहाँक कुण्डली मे कार्यात्मक शुभ अछि या पाप।
पाप ग्रहक लेल गलत रत्न समस्या सुलझाबाक बदला बढ़बैत अछि।
"अपन जन्मरत्न पहिरू" जेहन सामान्य सलाह अहाँक विशिष्ट कुण्डली मे ग्रहक कार्यात्मक प्रकृतिक उपेक्षा करैत अछि।
उपचार प्रयास केँ सहयोग करैत अछि, ओकर स्थान नहि लैत अछि। काम नहि करब त शनि उपचारसँ पदोन्नति नहि भेटत।