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बन्धनयोगः
निर्माण नियम
राहु, शनि, मंगल केन्द्र/त्रिकोणमे युति
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
बन्धन योग — स्वतन्त्रताक प्रतिबन्ध, कानूनी उलझन, कैद। जीवनक परिस्थितिमे फँसल अनुभव, ऋणक बोझ, वा वास्तविक कानूनी समस्याक रूपमे प्रकट भऽ सकैत अछि।
प्रतिबन्ध
कानूनी उलझन, फँसल अनुभव, स्वतन्त्रताक प्रतिबन्ध।
ई योग प्रायः बाधित होमयकेँ एकटा लगातार भावनाक रूपमे प्रकट होइत अछि—चाहे वित्तीय दायित्वक कारण करियरक चुनावमे हो वा नियंत्रणक समस्यासँ चिह्नित संबंधमे। व्यक्ति स्वयंकेँ बार-बार नौकरशाही बाधासभ वा कानूनी चुनौतीसभक सामना करैत पाबि सकैत अछि जे हुनकर स्वायत्तताकेँ सीमित करैत अछि। प्रतिबन्धक ई बार-बारक अनुभवसभसँ निराशा वा त्यागक एकटा स्वभाव विकसित भऽ सकैत अछि।
ई योगक प्रभाव सामान्यतः राहु, शनि वा मंगलक दशा वा अन्तर्दशाक कालमे सक्रिय होइत अछि। ई काल प्रायः बढ़ल कानूनी समस्यासभ वा प्रतिबन्धक महत्वपूर्ण भावनासभसँ मेल खाबैत अछि।