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ग्रहसंघातयोगः
निर्माण नियम
सभी 7 ग्रह (सूर्य-शनि) 4 क्रमागत भावों में
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
ग्रह संघात तब बनता है जब सभी सात दृश्य ग्रह (सूर्य से शनि) 4 क्रमागत भावों की संकीर्ण खिड़की में संकेन्द्रित हों। यह तीव्र, केन्द्रित ऊर्जा उत्पन्न करता है। कौन से भाव अधिगृहीत हैं, इससे निर्धारित होता है कि यह संकेन्द्रण सकारात्मक (केन्द्र/त्रिकोण) या जीवन असन्तुलन (दुस्थान) के रूप में प्रकट होगा।
संकेन्द्रित ऊर्जा
सभी ग्रह ऊर्जा संकीर्ण क्षेत्र में — गहन जीवन विषय और विशेषज्ञता किन्तु खाली भावों में सम्भावित असन्तुलन।