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पापकर्तरीयोगः
निर्माण नियम
पाप ग्रह दुनू दिससँ किसी भाव वा ग्रहकें घेरैत अछि
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
पाप कर्तरी शुभ कर्तरीसँ विपरीत अछि — पाप ग्रह द्वारा घेरल भावक सकारात्मक फल निचुड़ि जाइत अछि। शनि आ मंगल द्वारा घेरल लग्न तनाव, स्वास्थ्य समस्या, आ बाधा उत्पन्न करैत अछि। गम्भीरता एहिपर निर्भर करैत अछि जे कोन पाप ग्रह सम्मिलित छथि।
तनाव आ बाधा
सकारात्मक ऊर्जा संकुचित, प्रभावित भावक फलमे तनाव आ बाधा।
ई योग सामान्यतः जे घर वा ग्रह घेरल अछि, ओहि सँ संबंधित क्षेत्र सभमे लगातार संघर्ष वा विलम्बक रूपमे प्रकट होइत अछि। व्यक्ति सभकेँ दीर्घकालिक तनाव, स्वास्थ्य संबंधी कमजोरी, वा अपन प्रयास सभमे लगातार अवरुद्ध महसूस भऽ सकैत अछि, प्रायः सामान्य सफलता प्राप्त करबाक लेल सेहो अतिरिक्त प्रयासक आवश्यकता होइत अछि। एहि सँ निराशाक प्रति प्रवृत्त स्वभाव वा लगातार चुनौतीक अनुभव उत्पन्न भऽ सकैत अछि।
पाप कर्तरी योगक परिणाम सामान्यतः घेरल अशुभ ग्रहसभ (यथा, शनि, मंगल, राहु, केतु) वा घेरल भावक स्वामीक दशा वा अंतर्दशाक कालमे सक्रिय होइत अछि। ई काल प्रायः प्रभावित कारकत्वसभसँ संबंधित बढ़ल तनाव आ बाधाहरू लबैत अछि।