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राहुतृतीययोगः
निर्माण नियम
उपचय मे राहु
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
साहसक भावमे राहु — असाधारण दुःसाहस, अपरम्परागत संवाद, साहसी प्रयाससँ सफलता। मीडिया, प्रौद्योगिकी एवं लेखन-व्यवसायक लेल उत्कृष्ट।
साहसी उद्यम
असाधारण दुःसाहस, मीडिया/प्रौद्योगिकीमे सफलता, साहसी उद्यम।
एहि योगवला व्यक्ति प्रायः जीवनक प्रति निर्भीक दृष्टिकोण प्रदर्शित करैत छथि, ओ मीडिया, प्रौद्योगिकी वा लेखन जेकाँ नवोन्मेष, साहसी अभिव्यक्ति वा अपरंपरागत विधिक मांग करयवला करियरमे सफल होइत छथि। ओ लोकनि प्रवृत्ति-निर्धारक होइत छथि, स्थापित मानदंडकें चुनौती देबामे निडर रहैत छथि, आ हुनकर सफलता प्रायः हुनकर साहसी पहल आ अद्वितीय संचार शैलीसँ उत्पन्न होइत अछि। ई स्थिति प्रायः अग्रणी भावना प्रदान करैत अछि।
एहि योगक परिणाम सामान्यतः राहु महादशा वा राहुक अंतर्दशा, अथवा तृतीय भावक स्वामीक दशामे प्रकट होइत अछि। गुरु (बृहस्पति) सँ संबंधित काल सेहो एकर विस्तारवादी गुणकें सक्रिय कऽ सकैत अछि।