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रुचकयोगः
निर्माण नियम
मंगल अपन राशि (मेष/वृश्चिक) मे वा उच्च (मकर) मे एकटा केन्द्र मे।
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
रुचक योग तखन बनैत अछि जखन मंगल एकटा केन्द्र मे प्रतिष्ठित होइत अछि। मंगल साहस, ऊर्जा, आ कार्रवाई कें नियंत्रित करैत अछि। जखन ई शक्तिशाली होइत अछि, तखन ई योद्धा, नेता, एथलीट, आ कमांडर कें उत्पन्न करैत अछि। एहि नामक अर्थ अछि "चमकीला" वा "तेजस्वी"।
शास्त्रीय ग्रंथ रुचक जातक कें लाल रंगक, मजबूत काया, प्रभावशाली आवाज, आ युद्ध मे वीरता बला रूप मे वर्णित करैत अछि। आधुनिक संदर्भ मे, ई ओ एथलीट, सर्जन, सैन्य अधिकारी, आ उद्यमी छथि जे निर्णायक कार्रवाई सँ नेतृत्व करैत छथि।
साहस आ वीरता
निडर स्वभाव, शारीरिक शक्ति, निर्णायक कार्रवाई। संकटपूर्ण स्थिति मे प्राकृतिक नेता।
करियर
सेना, पुलिस, शल्य चिकित्सा, खेल, इंजीनियरिंग, रियल एस्टेट। प्रतिस्पर्धी क्षेत्र मे सफलता।
ई योग सामान्यतः एकटा एहन व्यक्तिकेँ प्रकट करैत अछि जाहिमे प्रभावशाली उपस्थिति आ नेतृत्व करबाक स्वाभाविक इच्छा होइत अछि, जे प्रायः प्रतिस्पर्धी वा शारीरिक रूपसँ चुनौतीपूर्ण पेशासभमे उत्कृष्ट प्रदर्शन करैत छथि। ओ अद्भुत साहस आ निर्णायकता प्रदर्शित करैत छथि, जे हुनका उच्च-दबावक स्थितिमे स्वाभाविक समस्या-समाधानकर्ता बनाबैत अछि। यद्यपि हुनकर सीधापनकेँ दृढताक रूपमे देखल जा सकैत अछि, ई उद्देश्यक प्रबल भावना आ प्रभावी कार्यक इच्छासँ उत्पन्न होइत अछि। स्वास्थ्यक दृष्टिसँ, हुनका प्रायः सुदृढ काया आ उच्च ऊर्जा स्तर होइत अछि।
रुचका योगक फल सामान्यतः मंगलक (कुजक) दशा वा अन्तर्दशा कालमे, अथवा मंगलसँ दृष्ट वा युत ग्रहसभक कालमे प्रकट होइत अछि, विशेषतः जे केन्द्रमे स्थित छथि।
रत्न
मंगल लेल लाल मूंगा।
मन्त्र
ॐ अं अंगारकाय नमः
दान
मंगलवार कें लाल मसूर दान करू।
शास्त्रीय सन्दर्भ
केन्द्रे स्वोच्चे कुजो यत्र रुचकाख्ययोगकृत्। शूरो रणजयी नित्यं भूस्वामी बलवान् भवेत्॥
– BPHS, Chapter 75