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शूलयोगः
निर्माण नियम
३ राशिमे ग्रह
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
शूल — तीक्ष्ण एकाग्रता किन्तु भाग्यमे अतिरेक, आक्रामक स्वभाव, द्वन्द्वक सम्भावना किन्तु केन्द्रित शक्ति। शिवक त्रिशूल जकाँ, ई विनाश एवं सृजन दुनू करैत अछि।
केन्द्रित शक्ति
तीक्ष्ण एकाग्रता, भाग्यमे अतिरेक, केन्द्रित ऊर्जा।
शूल योग बला व्यक्ति प्रायः तीव्र एकाग्रता आ लगन प्रदर्शित करैत छथि, जे महत्वपूर्ण उपलब्धि सभ दिस लऽ जाइत अछि, मुदा अपन जीवन मे चरम उतार-चढ़ाव सेहो अनुभव करैत छथि। हुनकर स्वभाव दृढ़, कहियो-कहियो आक्रामक भऽ सकैत अछि, जे केन्द्रित शक्ति केँ सक्षम करैत काल मे सेहो संबंध वा करियर मे विवाद केँ निमन्त्रित कऽ सकैत अछि। ई केन्द्रित ऊर्जा विनाशकारी परिणाम सँ बचेबा लेल सावधानीपूर्वक दिशा-निर्देशित करबाक मांग करैत अछि।
शूल योगक प्रभाव सामान्यतः एकर निर्माण मे शामिल ग्रह सभक दशा वा अन्तर्दशा काल मे प्रकट होइत अछि। ई काल प्रायः केन्द्रित शक्ति आ चरम सीमाक संभावना केँ उजागर करैत अछि।