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शुक्रशनियोगः
निर्माण नियम
शुक्र शनिक संग युति
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
विलंबित प्रणय, देर सँ विवाह, किंतु गहन निष्ठावान आ दीर्घस्थायी संबंध। अनुशासित निष्पादन संग कलात्मक प्रतिभाक संयोग शिल्प-निपुणता उत्पन्न करैत अछि — धैर्यवान कलाकार।
विलंबित किंतु स्थायी प्रेम
देर सँ विवाह, गहन निष्ठा, अनुशासन द्वारा कलात्मक निपुणता।
ई योग प्रायः एहन जीवन-पथक रूपमे प्रकट होइत अछि जतय प्रेम-संबंध स्थापित होमएमे विलम्ब होइत अछि, जाहिसँ प्रायः विलम्बसँ विवाह होइत अछि। मुदा, ई संबंध गम्भीर निष्ठा आ सहनशीलतासँ युक्त होइत छथि। व्यक्ति प्रायः कलात्मक प्रवृत्ति आ कठोर अनुशासनक एकटा अनुपम मिश्रण प्रदर्शित करैत छथि, जाहिसँ ओ धैर्यपूर्ण, निरंतर प्रयाससँ रचनात्मक क्षेत्रमे निपुणता प्राप्त करैत छथि।
शुक्र-शनि योग केर प्रभाव मुख्य रूप सँ शुक्र वा शनि केर दशा वा अंतर्दशा काल मे अनुभव कैल जाइत अछि। ई काल प्रायः संबंध आ रचनात्मक कार्य सभ मे महत्वपूर्ण विकास लबैत अछि, प्रायः प्रारंभिक विलंबक बाद।