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सुनफायोगः
निर्माण नियम
चन्द्रमा सँ दोसर घरमे कोनो ग्रह (सूर्य, राहु, केतु छोड़ि)
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
सुनफा योग तखन बनैत अछि जखन सूर्य क छोड़ि कोनो अन्य ग्रह चन्द्रमा सँ दोसर घरमे स्थित होइत अछि। ई चन्द्रमा क "आगाँ" सहयोग बनबैत अछि, जे जातकक लेल संसाधन, धन, आ स्वअर्जित समृद्धिक प्रतीक अछि।
प्रभाव एहि पर निर्भर करैत अछि जे कोन ग्रह योग बनबैत अछि। मंगल साहस आ सम्पत्ति दैत छथि, बुध बुद्धि आ व्यापार कौशल दैत छथि, बृहस्पति ज्ञान आ सन्तान दैत छथि, शुक्र सौन्दर्य आ विलास दैत छथि, शनि संगठन आ अधिकार दैत छथि।
स्वअर्जित धन
स्वयंक परिश्रमसँ धन, वंशानुक्रमसँ नहि। स्वनिर्मित सफलता आ आर्थिक स्वतन्त्रता।
बुद्धिमत्ता
नीक विश्लेषणात्मक क्षमता, व्यावहारिक बुद्धि, संसाधन संचय करबाक योग्यता।
ई योग सामान्यतः एहन व्यक्ति क रूप मे प्रकट होइत अछि जेकरा मे प्रबल व्यावहारिक बुद्धि आ वित्तीय स्वतंत्रता क लेल प्रेरणा होइत अछि। ओ प्रायः अपन प्रयास सँ धन अर्जित करैत छथि, संसाधनशीलता प्रदर्शित करैत आ संपत्ति संचय लेल एकटा व्यवस्थित दृष्टिकोण रखैत। हुनकर करियर पथ मे प्रायः स्वरोजगार वा एहन भूमिका सभ शामिल होइत अछि जतय हुनकर विश्लेषणात्मक कौशल आ संसाधन प्रबंधन क क्षमता केँ उच्च महत्व देल जाइत अछि, जे एकटा स्थिर आ समृद्ध जीवन दिस ल' जाइत अछि।
सुनफा योग क फल सामान्यतः योग बनयवला ग्रह (मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) क दशा वा अंतर्दशा काल मे वा चंद्र क दशा मे प्रकट होइत अछि। ई काल प्रायः आर्थिक उन्नति आ बौद्धिक विकास लेल अवसर लबैत अछि।
शास्त्रीय सन्दर्भ
चन्द्राद्द्वितीये यदि खेचरो भवेत् सुनफा नाम योगोऽयं स्वबलेन धनाप्तिकृत्॥
– Phaladeepika, Chapter 6