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वर्चस्वीयोगः
निर्माण नियम
बृहस्पतिक दृष्टि सँ केन्द्र मे अपन राशिक चन्द्रमा
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
वर्चस्वी (दीप्तिमान तेज) योग आकर्षक व्यक्तित्व, चुंबकीय अपील, भावनात्मक बुद्धिमत्ता आ सौजन्य तथा ज्ञान द्वारा नेतृत्वक सृजन करैत अछि।
करिश्मा
चुंबकीय व्यक्तित्व, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, स्वाभाविक नेतृत्व।
ई योग सामान्यतः एहन व्यक्तिकेँ रूपमे प्रकट होइत अछि जे अपन वास्तविक स्नेह आ अन्तर्दृष्टिपूर्ण संचारक माध्यमसँ स्वाभाविक रूपसँ दोसरकेँ आकर्षित करैत अछि। ओ प्रायः सार्वजनिक भाषण, परामर्श वा नेतृत्वक आवश्यकतावला भूमिकामे उत्कृष्ट प्रदर्शन करैत छथि, जतय हुनकर भावनात्मक बुद्धिमत्ता आ प्रेरक आकर्षण सम्पत्ति होइत अछि। सम्बन्ध सामान्यतः सामंजस्यपूर्ण होइत अछि, आपसी सम्मान आ समझपर आधारित, यद्यपि ओ कहियो-कालबला दोसरकेँ प्रसन्न करबाक इच्छाक कारणेँ दृढ़ सीमा निर्धारित करबामे संघर्ष क' सकैत छथि। हुनकर स्वभाव सामान्यतः संतुलित आ सहानुभूतिपूर्ण होइत अछि।
वर्चस्वी योगक परिणाम चन्द्रमा वा गुरुकेँ दशा वा अन्तर्दशा कालमे सर्वाधिक स्पष्ट होइत अछि। ई काल सामान्यतः नेतृत्वक अवसर, सार्वजनिक पहचान आ व्यक्तिगत प्रभावमे वृद्धि लबैत अछि।