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शुक्रसप्तमयोगः
निर्माण नियम
शुक्र सातम भावमे
उदाहरण कुण्डली
मेष लग्न उदाहरण — वास्तविक स्थिति भिन्न हो सकती है
शुक्र (विवाहक कारक) विवाहक भावमे — सुन्दर जीवनसाथी, सुखी वैवाहिक जीवन, कलाप्रिय साथी। सम्बन्धक सामंजस्यक लेल सर्वोत्तम स्थानमेसँ एक।
सुखी विवाह
सुन्दर जीवनसाथी, सामंजस्यपूर्ण विवाह, कलाप्रिय साथी।
एहि योगवला व्यक्ति प्रायः एकटा सामंजस्यपूर्ण आ संतोषजनक वैवाहिक जीवनक अनुभव करैत छथि, प्रायः परिष्कृत रुचि वा कलात्मक प्रवृत्तिवला साथीकेँ आकर्षित करैत छथि। हुनकर घरक वातावरण सौंदर्यपूर्ण रूप सँ सुखद होइत अछि, जे सौंदर्यक प्रति प्रेमकेँ दर्शाबैत। ई स्थिति एकटा कूटनीतिक आ सहमत स्वभावकेँ सेहो पोषित करैत अछि, जे हुनका सामाजिक संपर्ककेँ संभालबामे आ शांतिपूर्ण संबंधकेँ बनाए रखबामे निपुण बनबैत अछि।
योगक प्रभाव प्रायः शुक्र (Venus) क दशा वा अंतर्दशाक कालमे प्रबल रूप सँ प्रकट होइत अछि। विवाह वा गहन साझेदारी जेकाँ महत्वपूर्ण संबंधक पड़ाव प्रायः एहि कालखंडमे घटित होइत अछि।